मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने लोगों से सामाजिक दायित्व की भावना के साथ काम करने को कहा

बेंगलुरु, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि भारत में मीडिया और राजनेताओं सहित सभी वर्गों को सामाजिक दायित्व के साथ काम करना चाहिए। प्रेस क्लब ऑफ बेंगलुरु में ‘पत्रकारों का सामाजिक दायित्व’ विषय पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा,” केवल पत्रकारों को ही नहीं बल्कि राजनेताओं और समाज के सभी लोगों को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का एहसास करने के लिए आत्मावलोकन करना चाहिए।” सिद्दारमैया ने बताया कि लोग कभी नहीं पूछते हैं कि समाज ने उन्हें क्या दिया है बल्कि उन्हें आत्मावलोकन करना चाहिए कि समाज में उनका क्या योगदान रहा है।

            मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वतंत्रता के 75 वर्ष होने के बावजूद हमारे देश में असमानता है। सामाजिक और आर्थिक समानता जरूर होनी चाहिए वरना इसके बिना स्वतंत्रता अपना अर्थ खो देती है। उन्होंने कहा,” एक वक्त के बाद पत्रकारिकता का उद्देश्य बदल गया है। यह अब वैसा नहीं रहा है जैसे स्वतंत्रता से पहले था। इसका उद्देश्य सामाजिक न्याय होना चाहिए।” सिद्दारमैया ने कहा कि समाजिक और आर्थिक असमानता के पीछे कई ऐतिहासिक कारण है और आज हम किसी पर दोष नहीं लगा सकते। हालांकि समाज में इस खाई को पाटने की कोशिश की जानी चाहिए।

            मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लोगों को अपने भीतर झांक कर देखना चाहिए कि उन्होंने कहां गलती की और जहां भी आवश्यक हो उसमें सुधार करें। अपनी सरकार की पांच ‘गारंटी’ (कांग्रेस पार्टी के चुनाव से पूर्व वादे) के बारे में सिद्धारमैया ने बताया कि ये यूनिवर्सल बेसिक इनकम से संबंधित थे। इनसे सामाजिक असमानता कम और लोगों की कमाई होगी ताकि वे खर्च कर सकें। यह अंत में राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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