लाहौर, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब प्रांत में उनके विरोध मार्च के दौरान बृहस्पतिवार को दो बंदूकधारियों द्वारा उनपर किए गए जानलेवा हमले में उनके दाहिने पैर में चार गोलियां लगीं।
खान अपने ‘हकीकी आजादी मार्च’ के तहत पंजाब प्रांत के वजीराबाद में थे, जब उनपर यह जानलेवा हमला हुआ।
हमले के बाद शौकत खानम अस्पताल से देश को पहली बार संबोधित करते हुए खान ने कहा कि उन्हें जान से मारने की साजिश के बारे में पता था।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के 70 वर्षीय प्रमुख ने दावा किया, ‘‘मैं हमले के बारे में विस्तार से बाद में बात करूंगा। मुझे (हमले से) एक दिन पहले ही पता चल गया था कि उनकी योजना (पंजाब प्रांत के) वजीराबाद या गुजरात में मेरी हत्या करने की थी।’’
अपने 45 मिनट लंबे संबोधन में खान ने कहा, ‘‘मुझे चार गोलियां लगीं।’’
क्रिकेट से राजनीति में आए खान का इलाज कर रहे डॉक्टर फैसल सुल्तान का कहना है कि खान के दाहिने पैर की टिबिया (पैर की मुख्य हड्डी) टूट गयी है।
सुल्तान ने बताया, ‘‘स्कैन (एक्स-रे) में आपको दाहिने पैर में जो लाइन नजर आ रही है वह मुख्य धमनी (खून की नली) है। गोली का छर्रा उसके बहुत पास लगा था।’’
देश की शहबाज शरीफ नीत सरकार के खिलाफ मार्च निकाल रहे खान का काफिला बृहस्पतिवार को जब पंजाब के वजीराबाद जिले में पहुंचा तो उनके कंटेनर-ट्रक पर दो बंदूकधारियों ने गोलीबारी की। हमले में खान के दाहिने पैर में गोली लगी।
अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले के बारे में बात करते हुए खान ने कहा कि वह कंटेनर में थे जब उनकी ओर निशाना साधकर गोलियों की बौछार की गई, उन्हें गोली लगी और वह नीचे गिर गए।
उन्होंने बताया, ‘‘फिर दूसरी बौछार (गोलियों की) आयी, दो लोग थे।’’
खान ने कहा कि अगर दोनों हमले समन्वित होते तो वह जिंदा नहीं बचते।
डॉन अखबार के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘चूंकि मैं नीचे गिर गया था उसने (हमलावर) सोचा कि मैं मर गया हूं और फरार हो गया।’’
खान ने कहा कि खुद को जिहादी (आतंकवादी) बताने वाले एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘वह जिहादी नहीं है। जानलेवा हमले के पीछे साजिश थी, हम उसका पता लगाएंगे।’’
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन अन्य लोगों ने उनकी हत्या की साजिश की है, इनमें वह व्यक्ति शामिल नहीं है जिसका नाम उन्होंने विदेश में रखे टेप में लिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कैसे पता चला? भेदियों (हमले की साजिश करने वाले के करीबियों) ने मुझे बताया। वजीराबाद पहुंचने से पहले उन्होंने मेरी हत्या की साजिश रची क्योंकि उन्हें दिखने लगा था कि मेरी रैलियों में संख्या बढ़ने लगी है।’’
उन्होंने कहा कि गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मेजर जनरल फैसल नसीर ने उनकी हत्या की साजिश रची।
खान ने आरोप लगाया कि ‘‘सरकार और उसके साथियों’’ ने पंजाब के पूर्व गवर्नर सलमान तासीर की तरह ही उनकी हत्या की भी साजिश रची थी।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले उन्होंने मुझपर ईशनिंदा का आरोप लगाया… उन्होंने टेप बनाए और उन्हें जारी किया और पीएमएल-नवाज ने इसे बढ़ावा दिया, मुझे पता है कि यह कौन कर रहा था… यह (जानलेवा हमले का प्रयास) तय पटकथा के अनुरुप हुआ।’’
खान ने उनपर हुए जानलेवा हमले से उबरने के बाद फिर से सड़क पर उतरने का फैसला लिया है।
खान ने कहा कि उन्हें अपनी जिंदगी की परवाह नहीं है और उन्हें ‘‘इन चोरों की गुलामी’’ नहीं करनी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं तंदुरुस्त होते ही, इस्लामाबाद को आवाज दूंगा और फिर से सड़कों पर उतरूंगा।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘पाकिस्तान गुलामी के लिए नहीं बना है।’’
उन्होंने पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश उमर अता बांदियाल से बात करके कहा कि देश की सबसे बड़ी पार्टी के नेता को ‘‘न्याय नहीं मिल रहा है।’’
खान ने कहा, ‘‘सीजेपी, पिछले छह महीने में मेरे साथ जो कुछ भी हुआ है, मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि देश में यह किसी दुश्मन के साथ भी नहीं हुआ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सर्वोच्च नागरिक सम्मान पाया। क्रिकेट में मैंने पाकिस्तान का सम्मान बढ़ाया। शौकत खानम अस्पताल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। मैंने दो विश्वविद्यालय बनाए। फिर मैंने देश की सबसे बड़ी (राजनीतिक) पार्टी बनायी।’’
खान ने सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से अपने प्रतिष्ठान के इस ‘छुपे रुस्तम’ को जिम्मेदार ठहराने को कहा।
शौकत खानम अस्पताल इमरान खान ने अपनी मां के नाम पर बनवाया है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Associated Press (AP)