भोपाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने संकल्प लिया है कि उसके सदस्य ईद उल जुहा पर गायों का दान और सेवा करेंगे। एक वरिष्ठ नेता ने रविवार को यह जानकारी दी। आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने भोपाल में आयोजित मंच के ‘अभ्यास वर्ग’ या विचार-मंथन सत्र के समापन के दिन संवाददाताओं से कहा कि मंच के सदस्यों ने योग दिवस कार्यक्रमों में भाग लेने का भी संकल्प लिया है। कुमार ने कहा कि सभी हिंदुस्तानियों की जड़ें और डीएनए एक हैं।
उन्होंने कहा, “देश के लोग हिंदुस्तानी में सपने देखते हैं, विदेशी भाषाओं में नहीं।” उन्होंने कहा कि ईद उल जुहा को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति है, जिसे कुछ लोग बकरा ईद कहते हैं। कुमार ने कहा, ‘‘ ‘बकर’ का मतलब कुछ लोग बकरा समझते हैं लेकिन अरबी दुनिया में बकर , गाय को कहते हैं। मंच ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है कि इसके सदस्य गायों की सेवा और दान करेंगे तथा उनकी कुर्बानी नहीं देंगे। मंच गायों की कुर्बानी नहीं देने की अपील करेगा।’’
आरएसएस नेता ने कहा कि मंच की 2,500 इकाइयां योग दिवस मनाएंगी क्योंकि योग शरीर, मन और आत्मा को ठीक करने का एक तरीका है और इसका धर्म या जाति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि मंच के सदस्यों ने रक्षाबंधन मनाने का भी संकल्प लिया है, जो तहजीब का त्योहार है। उन्होंने दावा किया, ‘‘ रक्षा बंधन नारी के सम्मान और सुरक्षा का त्योहार है और बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं इसे मनाती हैं।”
उन्होंने कहा कि दुनिया को दंगा मुक्त बनाने के लिए, धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव को दूर करने के लिए मंच रक्षा बंधन पर 100 स्थानों पर बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम करेगा। कुमार ने कहा कि इस साल देशभर में 20 अगस्त से 30 सितंबर के बीच एक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, जिसके दौरान देश को संघर्ष, भेदभाव और प्रदूषण से मुक्त करने और भाईचारा फैलाने के संकल्प के साथ मंच के सदस्य 15 लाख परिवारों तक पहुंचेंगे।
उन्होंने कहा कि मंच के 100 से अधिक नए कार्यकर्ताओं को आगामी कार्यक्रम आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और राज्य स्तर पर जिम्मेदारी दी गई है। चार दिवसीय अभ्यास वर्ग में मंच ने देश की विविधता की प्रशंसा करते हुए “एक राष्ट्र, एक कानून” के विचार को कायम रखने सहित 11 प्रस्ताव पारित किए।
एक विज्ञप्ति में कहा गया, “जनसंख्या नियंत्रण, लव जिहाद, समान नागरिक संहिता पर प्रस्ताव भी पारित किए गए।” अभ्यास वर्ग में पूर्व कुलपतियों, प्रोफेसरों, वकीलों और डॉक्टरों सहित मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा, ‘‘ इस्लामी जगत में आज तक चार दिन की ऐसा कार्यक्रम कभी नहीं हुआ। यह बेमिसाल कार्यक्रम था। यहां तामसिक नहीं, पूरा शाकाहारी भोजन था। लहसुन,प्याज तक नहीं था। शिविर में इन चार दिनों में कोई चोरी, हिंसा और छेड़छाड़ की घटना नहीं हुई.. मुस्लिम राष्ट्रीय मंच 21 वर्ष से चल रहा है।’’
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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