प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स समिट के दौरान दक्षिण अफ्रीका, फिलीपींस, युगांडा, कजाकिस्तान और मिस्र के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं।मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की।
दोनों नेताओं ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी पर विचार-विमर्श किया और आपसी हित के वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। वे बहुपक्षीय मंचों पर करीबी तालमेल बनाए रखने पर सहमत हुए।फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के साथ अपनी बैठक में, मोदी ने ‘एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस’ (ASEAN) के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में फिलीपींस की भागीदारी का स्वागत किया।
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति पर संतोष जताया और रक्षा व सुरक्षा, व्यापार व निवेश, अंतरिक्ष, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी, शिक्षा, पर्यटन, विज्ञान व तकनीक, इनोवेशन और लोगों के बीच आपसी संबंधों में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई।मोदी ने ‘कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ (CDRI) में शामिल होने के फिलीपींस के फैसले का भी स्वागत किया। दोनों नेताओं ने साझा हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
प्रधानमंत्री ने युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका रोज़ एपेल अलुपो के साथ द्विपक्षीय बैठक की और भारत व युगांडा के बीच संबंधों की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप, क्षमता निर्माण, ज्ञान साझा करने, निवेश को आसान बनाने और प्राइवेट सेक्टर के सहयोग के ज़रिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में और अधिक सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच मज़बूत संबंध द्विपक्षीय साझेदारी के लिए एक ठोस आधार प्रदान करते रहे हैं।
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव के साथ अपनी बैठक में, मोदी ने भारत और कजाकिस्तान के बीच प्राचीन सभ्यतागत संबंधों को याद किया और हाल के वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों के लगातार विकास पर संतोष व्यक्त किया।मोदी और टोकायेव ने राजनीतिक संबंधों, व्यापार, रक्षा व सुरक्षा, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, उभरती टेक्नोलॉजी, क्रिएटिव इकोनॉमी और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
प्रधानमंत्री ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-मिस्र रणनीतिक साझेदारी की गति की समीक्षा की और व्यापार व निवेश, रक्षा व सुरक्षा, टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान में सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।मोदी और अल-सिसी ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। वे इस बात पर सहमत हुए कि भारत और मिस्र ‘ग्लोबल साउथ’ की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिक्स सहित विभिन्न मंचों पर मिलकर काम करना जारी रखेंगे। https://x.com/MEAIndia/status/2099114869752803785/photo/1