मोदी सरकार केवल ‘प्रचार’ के दम पर टिकी हुई है : कर्नाटक के मुख्यमंत्री

मैसुरु (कर्नाटक)  नौ जून (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर हमला किया और कहा कि वह केंद्र सरकार को ‘‘शून्य अंक’’ देंगे और आरोप लगाया कि यह केवल ‘‘प्रचार’’ के दम पर टिकी हुई है।  कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी के कार्यकाल के 11 साल पूरे होने के मद्देनजर आई है।

                         मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री के पद पर मोदी को 11 साल हो गए हैं  लेकिन उनकी सरकार केवल प्रचार पर निर्भर है और इसी पर टिकी हुई है।

                         उन्होंने सवाल किया  ‘‘नोटबंदी से किसे फायदा हुआ  उन्होंने (मोदी) कहा था कि अच्छे दिन आएंगे  क्या हुआ  उन्होंने हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था  उसका क्या हुआ  उन्होंने किसानों की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन भी दिया था  उसका क्या हुआ  अगर उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा था  तो किसानों ने एक साल तक प्रदर्शन क्यों किया ’’

                         सिद्धरमैया ने वादे पूरे न करने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा  कि मोदी सरकार ने अपने अधिकतर वादे पूरे नहीं किए हैं।

                         उन्होंने कहा  ‘‘मीडिया उनका (मोदी सरकार) खूब प्रचार करती है….जब हमारी सरकार ने गारंटी योजनाओं की घोषणा की  तो उन्होंने (भाजपा) दावा किया कि इसे लागू नहीं किया जा सकता और राज्य सरकार दिवालिया हो जाएगी। लेकिन उन्होंने उन्हीं योजनाओं की नकल की और उन्हें राजस्थान  मध्यप्रदेश  उत्तर प्रदेश और दिल्ली में लागू किया।’’

                         सिद्धरमैया ने यह भी याद दिलाया कि गुजरात का मुख्यमंत्री रहने के दौरान मोदी ने करों में 50 प्रतिशत का विभाजन करने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया  ‘‘लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने क्या किया  और आपने (मीडिया ने) यह सब रेखांकित नहीं किया।’’

                         उन्होंने सवाल किया  ‘‘केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 300 करोड़ रुपये देने का वादा किया था  क्या उन्होंने दिया  15वें वेतन आयोग ने राज्य के लिए 11 495 करोड़ रुपये की सिफारिश की थी  क्या वह दिया गया  क्या यह बड़ी रकम नहीं है ’’

                         मुख्यमंत्री ने कहा  ‘‘जब हम भाजपा से कर्नाटक के लिए न्याय की मांग करने को कहते हैं  तो वे चुप रहते हैं। इसके बजाय  वे झूठा प्रचार करना जारी रखते हैं।’’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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