यह गर्व की बात है कि महारानी अहिल्याबाई महाराष्ट्र की बेटी थीं :फडणवीस

चौंडी (महाराष्ट्र)  मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह गर्व की बात है कि महान रानी अहिल्याबाई होल्कर महाराष्ट्र की बेटी थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार एक उदार शासक के रूप में उनके जीवन और योगदान से प्रेरित है और समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

            फडणवीस 18वीं सदी की इंदौर की शासक अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर अहिल्यानगर जिले में उनके जन्मस्थान चौंडी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। रानी को उनके असाधारण शासन  सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता तथा संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रति योगदान के लिए याद किया जाता है।

             फडणवीस ने कहा  ‘‘अहिल्याबाई ने राष्ट्रवाद और आध्यात्मवाद का मिश्रण किया। उन्होंने अपना पूरा जीवन ‘देश’ और ‘धर्म’ की रक्षा में लगा दिया। व्यक्तिगत क्षति के बावजूद  उन्होंने प्रजा को अपना परिवार माना और देश भर में मंदिरों और घाटों के जीर्णोद्धार के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।’’

             उन्होंने कहा कि एक शासक के रूप में उनकी विचारधारा और विरासत 300 साल बाद भी शासन में बैठे लोगों के लिए प्रासंगिक है।

            मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने चौंडी में होने वाले कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा  ‘‘लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें (अहिल्याबाई के)‘जन्मस्थल’ और ‘कर्मस्थल’ में से किसी एक को चुनना होगा  और उन्होंने पहले ही कर्मस्थल (मध्य प्रदेश) चुन लिया है।’’

             आहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर मोदी ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और मराठा रानी को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके गुणों की प्रशंसा की।     

             फडणवीस ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और उनके काल पर एक बहुभाषी व्यावसायिक फिल्म बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज की बहादुरी और पराक्रम फिल्म ‘छावा’ के कारण युवा पीढ़ी तक पहुंच गई है।

             मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘मोदी ने वादा किया है कि वह जल्द ही चौंडी का दौरा करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी ऐसा ही आश्वासन दिया है।’’

             फडणवीस ने कहा कि विदेशी आक्रांता जानते थे कि भारत की ताकत उसकी आस्था और धर्म में निहित है तथा यदि उनकी आस्था से संबंधित स्मारकों को नष्ट कर दिया गया तो वे भारतीयों को गुलाम बना सकते हैं।

            उन्होंने कहा  ‘‘लेकिन अहिल्याबाई ने नष्ट हो चुके मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए खुद को समर्पित कर दिया। उन्होंने देश भर में कई जगहों पर घाट और कुएं बनवाए।’’ फडणवीस ने कहा कि उनके शासनकाल में बनाए गए कुएं ऐसे थे कि वे कभी सूखते नहीं थे।

            मुख्यमंत्री ने कहा  ‘‘अहिल्याबाई होल्कर ने अपना जीवन देश और धर्म की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया और विदेशी आक्रमणकारियों के हमलों का सामना किया।’’ उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि ऐसी दयालु शासक महाराष्ट्र की बेटी थीं।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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