यौन उत्पीड़न के मामलों पर दिशानिर्देश तैयार करने के आदेश के विरूद्ध शीर्ष न्यायालय में याचिका

नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें कार्यस्थलों पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के मामलों में दिशानिर्देश तैयार करने को कहा गया था।

उच्च न्यायालय ने पिछले साल 24 सितंबर को, कार्यस्थलों पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई, आदेश जारी करने एवं उसे अपलोड किये जाने तथा उनकी रिपोर्टिंग पर कुछ दिशानिर्देश जारी किए थे। साथ ही, यह स्पष्ट किया था कि इन मामलों की सुनवाई या तो बंद कमरे में की जाए या न्यायाधीश के कक्ष (चैम्बर) में की जाए तथा न्यायाधीश की सहमति के बिना कोई रिपोर्टिंग नहीं की जाए।

अधिवक्ता आभा सिंह के मार्फत दायर याचिका के जरिए उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए निर्देशों को वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर घातक प्रहार बताया गया है।

दिशानिर्देशों में यह भी प्रावधान किया गया है कि इस तरह के मामलों के सभी रिकार्ड सीलबंद लिफाफ में रखे जाएंगे और अदालत की अनुमति के बगैर किसी व्यक्ति को इसे जारी नहीं किया जाएगा।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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