रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने 03 दिसंबर, 2024 को 21,772 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के 05 पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की। डीएसी ने भारतीय नौसेना के लिए 31 नए वाटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट (एनडब्ल्यूजेएफएसी) की खरीद के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की। इन्हें तट के करीब कम तीव्रता वाले समुद्री संचालन, निगरानी, गश्त और खोज और बचाव (एसएआर) कार्यों के कार्य को करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके अलावा, ये जहाज एंटी-पायरेसी मिशनों में प्रभावी भूमिका निभाएंगे, खासकर हमारे द्वीप क्षेत्रों में और उसके आसपास। डीएसी ने 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (एफआईसी-1) की खरीद के लिए भी एओएन प्रदान किया। ये जहाज कई भूमिकाएं निभाने में सक्षम हैं, जिसमें तटीय रक्षा के लिए विमान वाहक, विध्वंसक और फ्रिगेट, पनडुब्बियों जैसी उच्च मूल्य इकाइयों को एस्कॉर्ट करना शामिल है। डीएसी ने एसयू-30 एमकेआई विमान के लिए एक्सटर्नल एयरबोर्न सेल्फ प्रोटेक्शन जैमर पॉड्स, नेक्स्ट जेनरेशन रडार वार्निंग रिसीवर और संबंधित उपकरणों से युक्त इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (ईडब्ल्यूएस) की खरीद के लिए एओएन प्रदान किया। यह प्रणाली एसयू-30 एमकेआई की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाएगी और वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा संरक्षित दुश्मन के लक्ष्यों के खिलाफ मिशन को अंजाम देते समय इसे दुश्मन के रडार और संबंधित हथियार प्रणाली से बचाएगी। डीएसी ने तटीय क्षेत्रों में तटीय सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए भारतीय तटरक्षक बल के लिए 06 एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) एम (एमआर) की खरीद के लिए एओएन प्रदान किया। इसने टी-72 और टी-90 टैंकों, बीएमपी और सुखोई लड़ाकू विमानों के इंजनों के ओवरहाल को भी मंजूरी दी है, जिससे इन परिसंपत्तियों की सेवा जीवन में वृद्धि होगी।https://x.com/rajnathsingh/photo