नयी दिल्ली, रक्षा मंत्रालय ने 63 लाख से अधिक पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को पेंशन स्वास्थ्य सेवा पुनर्वास और कल्याणकारी सेवाओं की आपूर्ति को मजबूत करने के लिए भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस पहल से स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूती मिलेगी भूतपूर्व सैनिकों के लिए पुनः रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे तथा राज्य और जिला सैनिक बोर्डों के संस्थागत ढांचे को मजबूती मिलेगी।
इसमें कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग (डीईएसडब्ल्यू) और क्यूसीआई के बीच मंगलवार को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन का उद्देश्य 63 लाख से अधिक पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए पेंशन स्वास्थ्य सेवा पुनर्वास और कल्याणकारी सेवाओं की आपूर्ति को मजबूत करना है।
यह मंत्रालय की ‘‘सेवा में गुणवत्ता-पूर्व सैनिकों के लिए सम्मान’’ के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
बयान में कहा गया है ‘‘समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत क्यूसीआई डिजिटल मूल्यांकन प्रभाव आकलन और साक्ष्य-आधारित नीति सिफारिशों में डीईएसडब्ल्यू का समर्थन करेगा जबकि डीईएसडब्ल्यू राज्य सरकारों जिला सैनिक बोर्डों सशस्त्र बल मुख्यालयों और पैनल में शामिल अस्पतालों के साथ डेटा तक पहुंच और हितधारक समन्वय की सुविधा प्रदान करेगा।’’
इस मौके पर डीईएसडब्ल्यू सचिव नितेन चंद्र ने पहुंच बढ़ाने और कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मंच एआई अनुप्रयोगों और सोशल मीडिया के महत्व पर जोर दिया।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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