रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह 1 नवंबर, 2025 को मलेशिया के कुआलालंपुर में 12वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) में भाग लेंगे। वे ‘एडीएमएम-प्लस के 15 वर्षों पर चिंतन और आगे का रास्ता तैयार करना’ विषय पर आयोजित मंच को संबोधित करेंगे।
इसके साथ ही, मलेशिया की अध्यक्षता में आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक का दूसरा संस्करण 31 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी आसियान सदस्य देशों के रक्षा मंत्री भाग लेंगे। इस बैठक का उद्देश्य आसियान सदस्य देशों और भारत के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करना तथा ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को आगे बढ़ाना है।
दो दिवसीय यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री द्वारा भाग लेने वाले एडीएमएम-प्लस देशों के अपने समकक्षों तथा मलेशिया के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है।एडीएमएम (ADMM) आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ) का सर्वोच्च रक्षा परामर्शदात्री और सहयोगात्मक तंत्र है। एडीएमएम-प्लस आसियान सदस्य देशों (ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम) और इसके आठ संवाद साझेदारों (भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) के लिए सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने का एक मंच है।
भारत 1992 में आसियान का संवाद साझेदार बना और पहला एडीएमएम-प्लस 12 अक्टूबर, 2010 को हनोई, वियतनाम में आयोजित किया गया था। 2017 से, एडीएमएम-प्लस आसियान और इसके अलावा अन्य देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।एडीएमएम-प्लस के तहत, भारत 2024-2027 की अवधि के लिए मलेशिया के साथ आतंकवाद निरोध पर विशेषज्ञ कार्य समूह का सह-अध्यक्ष है। आसियान-भारत समुद्री अभ्यास का दूसरा संस्करण भी 2026 में निर्धारित है।https://en.wikipedia.org/wiki/Rajnath_Singh#/media/File:Defence_Minister_Shri_Rajnath_Singh.jpg