रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अप्रैल, 2026 को किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के इतर, अपने किर्गिज़, कज़ाख और बेलारूसी समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
किर्गिस्तान के रक्षा मंत्री मेजर जनरल मुकाम्बेटोव रुस्लान मुस्तफ़ाएविच के साथ हुई बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने मौजूदा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और अधिक मज़बूत बनाने के उपायों पर चर्चा की। रक्षा मंत्री ने किर्गिज़ पक्ष को दो ‘भीष्म आरोग्य मैत्री हेल्थ क्यूब’ उपहार में दिए, जिन्हें भारत में ही स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।
इनका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानवीय सहायता, आपदा राहत और खोज एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है।राजनाथ सिंह ने किर्गिज़ मिलिट्री इंस्टीट्यूट, बिश्केक और मिलिट्री यूनिट 36806-ओश के IT केंद्रों में 12-12 कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराने की परियोजना के पूरा होने की भी घोषणा की। इसके साथ ही, वॉरगेमिंग सॉफ्टवेयर की सफल स्थापना और किर्गिज़ सशस्त्र बलों के कर्मियों को ‘ऑन-द-जॉब’ प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
कज़ाकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ अपनी बैठक में, रक्षा मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग विभिन्न क्षेत्रों तक फैला हुआ है और यह द्विपक्षीय साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन के साथ बैठक के दौरान, राजनाथ सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत बेलारूस के साथ आपसी फ़ायदे वाली साझेदारी विकसित करने को उच्च प्राथमिकता देता है, और उन्होंने क्षमता निर्माण व प्रशिक्षण को सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में से एक के रूप में पहचाना।इसके अलावा, रक्षा मंत्री ने चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून और रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव के साथ भी संक्षिप्त बातचीत की।
चर्चाओं के दौरान, मंत्रियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर अपने विचार साझा किए।इससे पहले, राजनाथ सिंह और अन्य रक्षा मंत्रियों ने किर्गिज़ राष्ट्रपति श्री सादिर ज़ापारोव से शिष्टाचार भेंट की।https://x.com/rajnathsingh/status/2049069804384862441/photo/1