नारी शक्ति और विकसित भारत के दृष्टिकोण को स्मरण करते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 सितंबर, 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से दुनिया की पहली तीनों सेनाओं की महिला जलयात्रा नौकायन अभियान, समुद्र प्रदक्षिणा को वर्चुअली हरी झंडी दिखाई। इस मिशन को महिला सशक्तिकरण, सशस्त्र बलों की एकजुटता, आत्मनिर्भर भारत और भारत के वैश्विक दृष्टिकोण का एक ज्वलंत प्रतीक बताते हुए, उन्होंने इसे सैन्य कूटनीति और समुद्री साहसिक कार्य में एक मील का पत्थर बताया।अगले नौ महीनों में, दस महिला अधिकारी स्वदेश निर्मित भारतीय सेना नौकायन पोत (आईएएसवी) त्रिवेणी पर सवार होंगी। पूर्वी मार्ग का अनुसरण करते हुए, वे लगभग 26,000 समुद्री मील की दूरी तय करेंगी, भूमध्य रेखा को दो बार पार करेंगी और तीन महान अंतरीपों – ल्यूविन, हॉर्न और गुड होप – का चक्कर लगाएँगी।
चालक दल प्रमुख महासागरों और दुनिया के कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण जल क्षेत्रों, जिनमें दक्षिणी महासागर और ड्रेक पैसेज शामिल हैं, को पार करेगा और मई 2026 में मुंबई लौटने से पहले चार अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों का दौरा करेगा।राजनाथ सिंह ने समुद्र प्रदक्षिणा को केवल एक जलयात्रा नहीं, बल्कि अनुशासन और इच्छाशक्ति की आध्यात्मिक साधना बताया।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अधिकारियों का दृढ़ संकल्प हर चुनौती पर विजय प्राप्त करेगा, जिससे यह साबित होगा कि भारतीय महिलाओं के साहस की कोई सीमा नहीं है। उन्होंने हाल ही में दो नौसेना अधिकारियों – लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए – की आईएनएस तारिणी पर दुनिया भर की परिक्रमा की उपलब्धि को याद किया और विश्वास व्यक्त किया कि आईएएसवी त्रिवेणी एक और वैश्विक मानक स्थापित करेगी।
अभियान की त्रि-सेवा प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए, रक्षा मंत्री ने इसे सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच एकजुटता के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि पुडुचेरी में स्वदेश निर्मित 50 फुट की नौका आईएएसवी त्रिवेणी, आत्मनिर्भर भारत की भावना का प्रतीक है और रक्षा नवाचार और प्रौद्योगिकी में भारत की ताकत को प्रदर्शित करती है।यह अभियान एक कूटनीतिक आयाम भी रखेगा।
फ्रेमेंटल (ऑस्ट्रेलिया), लिटलटन (न्यूज़ीलैंड), पोर्ट स्टेनली (कनाडा) और केप टाउन (दक्षिण अफ्रीका) में अपने बंदरगाहों पर, चालक दल भारतीय सशस्त्र बलों की शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों का भी प्रदर्शन करेगा।साउथ ब्लॉक में आयोजित वर्चुअल फ्लैग-ऑफ समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह शामिल हुए।
गेटवे ऑफ इंडिया पर, पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।समुद्र प्रदक्षिणा के 10 सदस्यीय दल का नेतृत्व अभियान नेता लेफ्टिनेंट कर्नल अनुजा वरुदकर और उप अभियान नेता स्क्वाड्रन लीडर श्रद्धा पी राजू कर रहे हैं। अन्य सदस्यों में मेजर करमजीत कौर, मेजर ओमिता दलवी, कैप्टन प्राजक्ता पी निकम, कैप्टन डौली बुटोला, लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं, विंग कमांडर विभा सिंह, स्क्वाड्रन लीडर अरुवी जयदेव और स्क्वाड्रन लीडर वैशाली भंडारी शामिल हैं।https://x.com/rajnathsingh/status/1966085363912548477/photo/2