राजनाथ ने राहुल को निर्वाचन आयोग के खिलाफ ‘सबूतों का एटम बम’ फोड़ने की चुनौती दी

 पटना,  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निर्वाचन आयोग पर निशाना साधने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया है कि निर्वाचन आयोग बिहार में ‘वोट चोरी’ में शामिल है और इस बारे में उनके पास ऐसा पुख्ता सबूत है  जो ‘एटम बम’ की तरह है  जिसके फटने पर आयोग को कहीं छिपने की जगह नहीं मिलेगी।

             पटना में एक मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने आगामी विधानसभा चुनावों की तुलना एक चौराहे से की  जिसमें  एक रास्ता (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के तहत) आगे की प्रगति की ओर ले जाता है और दूसरा (‘इंडिया’ गठबंधन के तहत) बिहार को अराजकता और जाति संघर्ष के पुराने दौर में वापस ले जाता है।

             भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा   राहुल गांधी कहते हैं कि उनके पास एटम बम है। अगर ऐसा है  तो उन्हें तुरंत उसे फोड़ देना चाहिए। उन्हें बस यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह खुद खतरे से दूर रहें।

             सिंह ने कहा कि देश को राहुल गांधी के पिछले बयानों की याद है। रक्षा मंत्री ने कहा   उन्होंने (राहुल) संसद में भूकंप आने की धमकी दी थी  लेकिन जब उन्होंने अपनी बात रखी  तो वह एक बेकार बात साबित हुई।

             केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का निर्वाचन आयोग एक ऐसी संस्था है  जो निर्विवाद ईमानदारी के लिए सम्मानित है।  सिंह ने कहा   राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। विपक्ष के नेता को किसी संवैधानिक संस्था के बारे में निम्न स्तर की बयानबाजी करना शोभा नहीं देता।

             सिंह ने कांग्रेस नेता को याद दिलाया कि  उनकी अपनी पार्टी के हाथ खून से रंगे हैं  जिन्होंने 1975 में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की थी।

             भाजपा के वरिष्ठ नेता ने बिहार में 20 साल के शासन के दौरान राज्य को पटरी पर लाने में मदद करने के लिए गठबंधन सहयोगी नीतीश कुमार की भी प्रशंसा की।

             सिंह ने कहा   नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार अब बदहाल नहीं रहा। ‘द इकोनॉमिस्ट’ जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित पत्रिका  जिसने कभी इस राज्य को भारत का पिछलग्गू बताया था  अब इसके बदलाव का जिक्र कर रही है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: