मेघालय में 4,000 मीट्रिक टन कोयले के गबन की जांच के आदेश

 शिलांग,  मेघालय के उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग संभाल रहे प्रेस्टोन तिनसॉन्ग ने बताया कि राज्य में 4 000 मीट्रिक टन से अधिक कोयले के कथित गबन की जांच का आदेश दिया गया हैं।  तिनसॉन्ग ने बताया कि जिलाधिकारियों और पुलिस को मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं।

             उपमुख्यमंत्री ने  पीटीआई-भाषा  से कहा  “हमने उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि वे यह जांच करें कि कोयले का गबन या अवैध ढंग से उसका स्थानांतरण तो नहीं हुआ है।”

             यह आदेश उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति द्वारा किए गए उस खुलासे के तुरंत बाद आया है जिसमें कहा गया था कि 4 000 मीट्रिक टन से अधिक कोयला  जिसे पहले ही निकाला हुआ और सूचीबद्ध घोषित किया जा चुका था  दो निर्दिष्ट भंडारण स्थलों से गायब हो गया है।

             समिति ने उच्च न्यायालय को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह घटना राज्य की कोयला निगरानी और अवैध परिवहन रोकने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

             तिनसॉन्ग ने कहा कि यदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो सरकार कानूनी कार्रवाई करेगी।

             उन्होंने कहा  “अगर कुछ गलत पाया जाता है  तो हम कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे। जरूरत पड़ी तो हम उच्चतम न्यायालय तक भी जाएंगे।”

             राज्य की जांच डीजल और कोयले के भंडार का पता लगाने पर केंद्रित होगी  जिसमें परिवहन  दस्तावेजीकरण और क्षेत्र सत्यापन शामिल होगा।

             एक अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उचित समय पर अदालत में पेश की जाएगी।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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