बेंगलुरू, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका का निपटारा करते हुए, संबंधित अधिकारियों को ‘‘विरोध, प्रदर्शन और विरोध मार्च (बेंगलुरु शहर) का लाइसेंसिंग और विनियमन आदेश 2021’’ को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।
कर्नाटक पुलिस अधिनियम के तहत जारी आदेश में शहर में विरोध प्रदर्शन को ‘फ्रीडम पार्क’ तक ही सीमित रखने का प्रावधान है।
अदालत ने पिछले साल दो मार्च को विरोध और प्रदर्शनों के बाद शहर में बड़े पैमाने पर यातायात बाधित होने के बाद खुद ही जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की थी।
बाद में नियमन आदेश तैयार किए गए, जिनका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।
उच्च न्यायालय के समक्ष दायर एक स्थिति रिपोर्ट में कहा गया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ अब तक 27 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।
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