राम मंदिर पर ‘बाबरी ताला’ लगाने का आरोप ‘सरासर झूठ’, न्यायालय के फैसले का सम्मान : प्रियंका

रायबरेली (उप्र)  कांग्रेस के सत्ता में आने पर अयोध्या के राम मंदिर में  बाबरी ताला  लगा दिये जाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आरोप को  सरासर झूठ  करार देते हुए पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी कई बार कह चुकी है कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करती है।    रायबरेली में अपने भाई एवं कांग्रेस प्रत्याशी राहुल गांधी के पक्ष में प्रचार कर रही प्रियंका ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में  बाबरी ताले  को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा लगाये गये आरोप के बारे में पूछे जाने पर कहा    यह सरासर झूठ है। कांग्रेस पार्टी ने कई बार कहा है कि वह (राम जन्म भूमि—बाबरी मस्जिद मामले में) अदालत के फैसले का सम्मान करेगी। हमने (अतीत में) ऐसा किया है और भविष्य में भी ऐसा ही करेंगे।  

    गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के धार में कहा था कि वह चाहते हैं कि भाजपा-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) मौजूदा लोकसभा चुनाव में 400 सीट जीते  ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कांग्रेस कश्मीर में अनुच्छेद 370 वापस न लाये और अयोध्या में राममंदिर पर  बाबरी ताला  न लगाये।

    केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी बुधवार को उत्तर प्रदेश में अपनी रैलियों में  बाबरी  ताले की बात कही थी।

    प्रियंका ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पर आरोप लगाते हुए कहा    असदुद्दीन ओवैसी जी सीधे तौर पर भाजपा के साथ काम कर रहे हैं…तेलंगाना के चुनाव में यह बात बहुत स्पष्ट हो गई है।  

    उन्होंने भाजपा नेताओं पर महिलाओं के पक्ष में नहीं खड़े होने का आरोप लगाते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों का संदर्भ दिया और कहा    भाजपा के नेता महिलाओं के पक्ष में खड़े नहीं हो सकते… क्योंकि जब महिला (पहलवान) ओलंपिक मेडल लेकर आई  तब तो मोदी जी ने उनके साथ चाय पी और फोटो खिंचवाई  लेकिन जब उसने बैठकर आंदोलन किया और कहा कि मेरे साथ अत्याचार हुआ है  तो किसी ने उससे पूछा तक नहीं। भाजपा ने उन्हीं बृजभूषण शरण सिंह के बेटे को लोकसभा चुनाव का टिकट दे दिया।  

    भाजपा के इस आरोप पर कि प्रियंका परिवार के शहादत के नाम पर वोट मांग रही हैं  कांग्रेस महासचिव ने कहा    भाजपा चाहती है कि मैं अपने परिवार के बारे में चुप रहूं या शर्मिंदा हो जाऊं  मैं अपने परिवार के बारे में क्यों शर्मिंदा होऊंगी। मुझे गर्व है अपने परिवार पर। गर्व है मुझे इंदिरा जी पर  जिन्होंने देश के लिए इतना कुछ किया  जिन्होंने पाकिस्तान को तोड़कर बांग्लादेश बनाया  गर्व है मुझे इंदिरा जी पर कि उनकी शहादत देश के लिए हुई…  राजीव जी पर गर्व है… उनकी शहादत पर क्यों नहीं बोलूंगी  मैं चुप रहूं और इन्हें गलियां देने दूं   

    कांग्रेस पर उद्योगपति अडाणी और अंबानी के साथ सांठगांठ के प्रधानमंत्री के आरोप पर प्रियंका ने कहा  ‘‘देखिए  ऐसा लगता है कि मोदी जी को भी नाम लेने के लिए मजबूर किया गया है। वह जो कह रहे हैं कि राहुल जी ने उनका (अडाणी और अंबानी) नाम लेना बंद कर दिया है  यह बिल्कुल गलत है। राहुल जी रोज-रोज तो नाम ले ही रहे हैं।’’

मोदी ने बुधवार को हैदराबाद के वेमुलावाड़ा में एक चुनावी रैली में कहा था  ‘‘आपने देखा होगा कि कांग्रेस के ‘शहजादे’ (राहुल गांधी) पिछले पांच साल से सुबह उठते ही माला जपना शुरू करते थे  लेकिन जब से उनका राफेल वाला मामला फुस्स हो गया तब से (उन्होंने) एक नई माला जपना शुरू कर दिया। पांच साल से एक ही माला जपते थे। पांच उद्योगपति… फिर धीरे-धीरे कहने लगे… अंबानी  अडाणी… लेकिन जब से चुनाव घोषित हुआ है इन्होंने अंबानी-अडाणी को गाली देना बंद कर दिया।’’

    उन्होंने कहा  ‘‘जरा शहजादे यह घोषित करें कि इस चुनाव में (उन्होंने) अंबानी-अडाणी से कितना माल उठाया है  काले धन के कितने बोरे भर के रुपये मारे हैं  क्या टेम्पो भर के नोट कांग्रेस के लिए पहुंचे हैं  क्या सौदा हुआ है कि आपने रातोंरात अंबानी  अडाणी को गाली देना बंद कर दिया  जरूर दाल में कुछ काला है।’’

    मोदी सरकार पर निशाना साधने के लिए कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी पर व्यवसायी गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी सहित देश के शीर्ष पांच उद्योगपतियों का पक्ष लेने का आरोप लगाती रही है।

    कांग्रेस के चुनाव घोषणापत्र को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणियों पर प्रियंका ने कहा    उन्हें मेरी सलाह है। हालांकि वह प्रधानमंत्री हैं  मुझसे बड़े हैं…लेकिन मेरी सलाह है कि उन्हें पहले (कांग्रेस का) घोषणापत्र पढ़ना चाहिए और फिर उस पर टिप्पणी करनी चाहिए। उन्होंने पढ़ा नहीं है। जो उनके मन में आता है  कह देते हैं कि इसमें ऐसा लिखा है। जो बातें वह बोल रहे हैं  वैसा कुछ (घोषणापत्र में) लिखा ही नहीं हैं।  

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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