राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी में भारत की उम्मीदें लवलीना पर

ग्लास्गो,  रिंग में उतरे बिना अपना पहला राष्ट्रमंडल खेलों का पदक पक्का कर चुकी लवलीना बोरगोहेन की नजरें मुक्केबाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर लगी होंगी ।  राष्ट्रमंडल खेलों में इस बार दस ही खेल स्पर्धायें आयोजित की जा रही है और भारत को मुक्केबाजों से पदकों की उम्मीद है ।

           मुक्केबाजी में भारत को अभी तक राष्ट्रमंडल खेलों में 44 पदक मिले हैं ।

           भारत के आठ मुक्केबाजों को पहले दौर में बाय मिला है । जैसमीन लंबोरिया (57 किलो)  प्रिया घंघास (60 किलो)  प्रीति पवार (54 किलो) पदक पक्का करने से एक जीत पीछे हैं ।

           पूर्व विश्व चैम्पियन लवलीना (75 किलो) को सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश मिला है जिसमें पांच ही मुक्केबाज हैं ।

           सात सदस्यीय भारतीय महिला टीम बर्मिंघम के रिकॉर्ड की बराबरी या उसे बेहतर कर सकती है जहां उसने दो स्वर्ण और एक कांस्य जीता था ।

           मौजूदा विश्व चैम्पियन जैसमीन पदक की सबसे प्रबल दावेदार है हालांकि बीमार होने के कारण वह चेक गणराज्य में अभ्यास शिविर में भाग नहीं ले सकी थी ।

           बर्मिंघम में कांस्य जीत चुकी जैसमीन पदक का रंग बेहतर करना चाहेंगी । सेना की साक्षी चौधरी 54 की बजाय 51 किलो में उतरेंगी । उन्होंने चयन ट्रायल में विश्व चैम्पियन निकहत जरीन और मीनाक्षी हुड्डा को हराया ।

           एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति (54 किलो) और अरूंधति (70 किलो) भी पदक की दावदोरों में हैं ।

           मुख्य कोच सैंटियागो नीवा ने कहा  ‘‘ हर किसी के लिये स्वर्ण जीतना कठिन होगा । हम पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम हैं ।’’

           पुरूष टीम में कई नये खिलाड़ी हैं । सात में से छह का राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण होगा । अनुभवी नरेंदर बेरवाल ( प्लस 90 किलो) और सुमित कुंडू (70 किलो) को ही सीनियर स्तर पर अनुभव है । जादूमणि सिंह (55 किलो) भी प्रतिभाशाली युवा मुक्केबाज हैं ।

           भारतीय टीम :

           महिला : साक्षी चौधरी (51 किलो)  प्रीति पवार (54 किलो)  जैसमीन लंबोरिया (57 किलो)  प्रिया घंघास (60 किलो)  प्रवीण हुड्डा (65 किलो)  अरूंधति चौधरी (70 किलो)   लवलीना बोरगोहेन (75 किलो)

           पुरूष : जादूमणि सिंह (55 किलो)  सचिन सिवाच (60 किलो)  आदित्य प्रताप सिंह(65 किलो)  सुमित कुंडू (70 किलो)  अंकुश (80 किलो)  कपिल पोखरिया (90 किलो)   नरेंदर बेरवाल (प्लस 90 किलो) ।

’’क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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