रेखा गुप्ता ने महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने BJP के प्रदेश कार्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर एक प्रेस बातचीत के दौरान कांग्रेस और ‘INDIA’ गठबंधन पर महिला सशक्तिकरण का विरोध करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि विपक्ष ने विधानसभाओं में महिलाओं को ज़्यादा प्रतिनिधित्व देने का विरोध करके “अपना असली चेहरा बेनकाब कर दिया है।” उन्होंने आगे कहा कि जो पार्टियां “दशकों तक महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखती आई हैं,” वे अब भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही हैं।

नरेंद्र मोदी के बयानों को दोहराते हुए गुप्ता ने कहा, “कांग्रेस पार्टी एक अखिल भारतीय ‘सुधार-विरोधी’ पार्टी है। जब भी कोई सुधार आया है, उन्होंने उसका विरोध किया है।”गुप्ता ने महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने ‘ट्रिपल तलाक’ कानून और ‘शाह बानो’ मामले पर हुई पिछली बहसों का ज़िक्र करते हुए पूछा कि जो लोग अब महिलाओं का समर्थन करने का दावा करते हैं, उन्होंने पहले ऐसे उपायों का विरोध क्यों किया था?उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज़ादी के दशकों बाद भी, कई महिलाएं पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 33% आरक्षण देने वाला प्रस्तावित ढांचा एक “सबके लिए फायदेमंद” (win-win) समाधान है, जो क्षेत्रीय, राजनीतिक और लैंगिक हितों के बीच संतुलन बनाता है।

गुप्ता ने पूछा, “बेटियों की हार को लोकतंत्र की जीत कैसे कहा जा सकता है?” और चेतावनी दी कि पूरे देश की महिलाएं लोकतांत्रिक तरीकों से इसका जवाब देंगी।GST, डिजिटल भुगतान, अनुच्छेद 370 को हटाने जैसे कई बड़े नीतिगत फैसलों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने राष्ट्रीय प्रगति के उद्देश्य से किए गए सुधारों का लगातार विरोध किया है।सरकार के रुख को दोहराते हुए गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और आत्म-सम्मान के मामले में “कोई समझौता नहीं किया जाएगा।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भारतीय महिलाएं अब “जागरूक, दृढ़-निश्चयी और अपना हक पाने के लिए तैयार हैं।”Photo : Wikimedia

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