काठमांडू, नेपाल में ‘जेन जेड’ के विरोध प्रदर्शन के कारण के पी शर्मा ओली नीत सरकार के सत्ता से अपदस्थ होने के छह महीने बाद बालेंद्र शाह ‘बालेन’ ने नेपाल के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। रैपर से नेता बने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के 35 वर्षीय नेता ने शीतल निवास स्थित राष्ट्रपति कार्यालय में अपराह्न 12 बजकर 34 मिनट पर ‘शुभ मुहूर्त’ में शपथ ली।
बालेन नेपाल में इस पद के लिए लोकतांत्रिक रूप से चुने गए सबसे युवा नेता हैं और वह मधेश क्षेत्र से प्रधानमंत्री के पद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति भी हैं।
उन्हें राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने संविधान के अनुच्छेद 76 (1) के अनुसार 47वें प्रधानमंत्री के रूप में शुक्रवार को नियुक्त किया। बालेन के अलावा शुक्रवार को आयोजित समारोह में कई अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली। स्वर्णिम वागले ने वित्त मंत्री शिसिर खनाल ने विदेश मंत्री और सूडान गुरुंग ने गृह मंत्री के रूप में शपथ ली।
बालेन रक्षा मंत्रालय उद्योग वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय का भी कार्यभार संभालेंगे।
वह पूर्व प्रधानमंत्री ओली के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के पिछले साल सितंबर में सत्ता से बेदखल होने के बाद शपथ लेने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित पहले प्रधानमंत्री हैं। भ्रष्टाचार भाई-भतीजावाद और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व वाला ‘जेन-जेड’ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था जिसके बाद ओली सरकार गिर गई। बालेन के शपथग्रहण समारोह में हिंदू और बौद्ध धार्मिक परंपराओं का अनोखा संगम देखने
को मिला। समारोह में विस्तृत धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इस दौरान सात ब्राह्मणों ने शंखनाद किया 108 हिंदू बटुकों या युवा ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण किया या स्वस्ति वाचन किया और 107 लामाओं ने मंगल वाचन अथवा बौद्ध धर्मग्रंथों का पाठ किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बालेंद्र शाह को बधाई देते हुए कहा कि वह दोनों देशों के पारस्परिक हित में भारत-नेपाल संबंधों को और गहरा करने के लिए मिलकर काम करने के वास्ते उत्साहित हैं।
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक संदेश में कहा ‘‘बालेंद्र शाह को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई। आपकी नियुक्ति नेपाल की जनता द्वारा आपके नेतृत्व में जताए गए विश्वास को दर्शाती है। मैं हमारे दोनों देशों के लोगों के पारस्परिक हित में भारत-नेपाल मित्रता एवं सहयोग को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए आपके साथ निकटता से काम करने के वास्ते उत्साहित हूं।’’
पांच मार्च को हुए आम चुनाव में काठमांडू के पूर्व महापौर ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से ओली को भारी अंतर से हराया था। आरएसपी ने चुनाव में प्रतिनिधि सभा की कुल 275 सीट में से 182 सीटों पर कब्जा करके प्रचंड विजय हासिल की।
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