लाडकी बहिन योजना सबसे बड़े घोटालों में से एक, 24.3 हजार करोड़ रुपये का नुकसान : राकांपा (शप)

मुंबई, वरिष्ठ नेता शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने कहा कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र के इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक के रूप में सामने आयी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सहायता प्राप्त करने के बाद आठ लाख से अधिक लाभार्थी अपात्र पाई गईं जिसके परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को 24 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

राकांपा (शप) के प्रवक्ता महेश तापसे ने यहां एक प्रेस वार्ता में सवाल किया कि पारदर्शिता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध होने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार ने सार्वजनिक धन के इतने बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की अनुमति कैसे दी

उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस प्रमुख योजना की कुल 24 लाख लाभार्थियों में से लगभग आठ लाख लाभार्थी धनराशि वितरित किए जाने के बाद अपात्र पाई गयी हैं। तापसे ने कहा कि अपात्र पाए गए लोगों में लगभग 14 000 पुरुष लगभग एक लाख करदाता पांच लाख सरकारी कर्मचारी और कई लाख वाहन मालिक शामिल हैं।

तापसे ने पूछा “महाराष्ट्र की जनता जवाब की हकदार है। क्या यह कोई कल्याणकारी योजना थी या करदाताओं के पैसे से चलाया गया चुनावी अभियान बुनियादी सत्यापन के बिना हजारों करोड़ रुपये बांटने वाली सरकार अपनी नैतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।” उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह स्वीकार करना कि राज्य सरकार ने चुनाव से पहले उचित जांच के बजाय स्व-प्रमाणीकरण पर भरोसा किया प्रशासनिक विफलता की स्वीकारोक्ति के समान है।

राकांपा (शप) नेता ने आरोप लगाया “महायुति सरकार ने जानबूझकर चुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने के इरादे से आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया। यह सामाजिक न्याय नहीं था यह करदाताओं के धन की लूट और उस दुरुपयोग के माध्यम से राजनीतिक सत्ता हथियाने का प्रयास था। इस तरह सरकार ने अनुमानित 24 300 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।”

तापसे ने मुख्यमंत्री से तुरंत इस बात का खुलासा करने को कहा कि लाभार्थी सत्यापन प्रक्रिया को किसने मंजूरी दी अपात्र लाभार्थियों की पहचान करने में कौन विफल रहा और इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या अनुशासनात्मक या दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी उन्होंने कहा “भाजपा शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को सामूहिक रूप से वित्तीय नुकसान की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए तथा राज्य के खजाने को हुए भारी नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। बर्बाद हुयी एक एक पाई महाराष्ट्र के करदाताओं के खून पसीने की कमाई है।”क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: