नयी दिल्ली दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने अब अपना ध्यान गोल्फ की ओर करते हुए विभिन्न खेलों में ओलंपिक चैंपियनों को तैयार करने का लक्ष्य बनाया है। अठारह बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन पेस ने देश में उभरती गोल्फ प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए इंडियन गोल्फ यूनियन (आईजीयू) ‘प्रोफेशनल गोल्फर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (पीजीएआई) और ‘द गोल्फ फाउंडेशन’ (टीजीफ) के साथ साझेदारी की है।
इंडियन गोल्फ प्रीमियर लीग (आईजीपीएल) ने बृहस्पतिवार को आईजीयू पीजीएआई और टीजीएफ के सहयोग से ‘गोल्फ ग्रोथ इनिशिएटिव’ का शुभारंभ किया जो भारतीय गोल्फ खिलाडियों की अगली पीढ़ी को तैयार करने की दिशा में एक अहम पहल है।
दिल्ली गोल्फ क्लब में पेस की मौजूदगी में शुरू की गई इस पहल के तहत गोल्फ को सीधे स्कूलों और खेल मैदानों तक ले जाया जाएगा ताकि प्रतिभाओं का दायरा व्यापक बनाया जा सके।
इस कार्यक्रम में पूरे गोल्फ पारिस्थितिक तंत्र को शामिल किया गया है जिसमें जीव मिल्खा सिंह ज्योति रंधावा शिव कपूर गगनजीत भुल्लर एसएसपी चौरसिया और गौरव घई जैसे पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों का मार्गदर्शन भी मिलेगा।
सात ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले इकलौते भारतीय टेनिस खिलाड़ी पेस का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में देशभर में विभिन्न खेलों के लिए 10 अकादमियां स्थापित करना है।
उन्होंने कहा ‘‘मेरे लिए खेलों में उत्कृष्टता का मतलब अपनी विरासत बनाना है। मैं दो ओलंपियनों के परिवार से आता हूं इसलिए मुझे पता है कि ओलंपियन कैसे तैयार किए जाते हैं। मैं गोल्फ सहित सभी खेलों में ओलंपिक आंदोलन को आगे बढ़ाना चाहता हूं। मैंने 18 ग्रैंड स्लैम जीते है और गोल्फ में भी 18 होल है यही वजह है कि इस खेल ने मुझे आकर्षित किया।”
पेस ने बताया कि उन्होंने भविष्य के ओलंपियनों को तैयार करने के लिए भुवनेश्वर में फ्लाइंग मैन अकादमी शुरू की है जिसमें फिलहाल एक लाख बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें 40 हजार आदिवासी बच्चे 40 हजार फीस देने वाले और 20 हजार अंतरराष्ट्रीय बच्चे शामिल हैं।
उन्होंने कहा “मेरा लक्ष्य ओलंपिक चैंपियन तैयार करना है।”
गोल्फ में अपनी रुचि पर बात करते हुए पेस ने कहा कि उनका सपना इस खेल को आम लोगों तक पहुंचाना और मजबूत जमीनी ढांचा तैयार करना है।
उन्होंने कहा “मैं गोल्फ में अकादमियां ‘ड्राइविंग रेंज’ और गोल्फ कोर्स बनाना चाहता हूं और इस खेल को दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों और गांवों तक ले जाना चाहता हूं क्योंकि हमारे ज्यादातर ओलंपिक चैंपियन वहीं से निकलते हैं।”
आईजीपीएल ने एक बड़ा ऐलान करते हुए जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज के लिए ‘द गोल्फ फाउंडेशन’ (टीजीएफ) के साथ रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि की। इसके तहत इसी साल से ओडिशा गुरुग्राम और आंध्र प्रदेश में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
भारतीय गोल्फ के दिग्गज और आईजीपीएल के आइकन खिलाड़ी जीव मिल्खा सिंह ने कहा “मैं हमेशा मानता रहा हूं कि भारतीय गोल्फ को आगे बढ़ाने के लिए हमें अगली पीढ़ी को कुछ लौटाना होगा। यह पहल मेरे दिल के बेहद करीब है क्योंकि इससे युवा खिलाड़ियों को संरचित मार्गदर्शन मिलेगा जिससे उनका सीखने का सफर काफी छोटा हो सकता है।’’
उन्होंने कहा ‘‘अनुभवी पेशेवरों और नयी प्रतिभाओं को एक मंच पर लाकर हम उनमें यह विश्वास जगा रहे हैं कि वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हरा सकते हैं।”
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common