लोकसभा और राज्यसभा ने जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया

जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को लोकसभा और राज्यसभा द्वारा पारित कर दिया गया है। यह देश में ‘व्यापार करने में आसानी’ (Ease of Doing Business) और ‘जीवन जीने में आसानी’ (Ease of Living) को और बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।यह विधेयक भरोसे पर आधारित शासन व्यवस्था को बढ़ावा देने और उचित नियमों को सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इसका उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाकर और मौजूदा कानूनी प्रावधानों को तर्कसंगत बनाकर, व्यक्तियों और व्यवसायों पर अनुपालन के बोझ को कम करना है।इस विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, 23 मंत्रालयों द्वारा प्रशासित 79 केंद्रीय अधिनियमों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया है। इनमें से, ‘व्यापार करने में आसानी’ (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए 717 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटा दिया गया है, जबकि ‘जीवन जीने में आसानी’ (Ease of Living) को सुगम बनाने के लिए 67 प्रावधानों में संशोधन किया गया है।

कुल मिलाकर, यह बिल छोटे-मोटे अपराधों को हटाकर 1,000 से ज़्यादा अपराधों को तर्कसंगत बनाने की कोशिश करता है, जिससे कुल मिलाकर रेगुलेटरी माहौल बेहतर होता है और व्यवसायों और नागरिकों, दोनों के लिए ज़्यादा अनुकूल माहौल बनता है।यह बिल सबसे पहले 18 अगस्त 2025 को लोकसभा में ‘जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) बिल, 2025’ के तौर पर पेश किया गया था।

इसमें 10 मंत्रालयों/विभागों द्वारा प्रशासित 16 केंद्रीय कानूनों के 355 प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव था, और बाद में इसे लोकसभा की एक चयन समिति को भेज दिया गया। श्री तेजस्वी सूर्या की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने 49 बैठकें कीं और 13 मार्च 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। समिति ने हितधारकों के साथ बड़े पैमाने पर विचार-विमर्श किया और, विचाराधीन प्रावधानों के अलावा, उन्हीं कानूनों के भीतर अन्य प्रावधानों की भी जांच की और 62 अतिरिक्त केंद्रीय कानूनों में अपराध-मुक्त करने की सिफारिश की।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद द्वारा ‘जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) बिल, 2026’ पारित किए जाने पर बहुत खुशी ज़ाहिर की है।

उन्होंने कहा कि यह बिल एक विश्वास-आधारित शासन व्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम है, जो नागरिकों को सशक्त बनाता है। इसका मकसद पुराने नियमों और कानूनों को खत्म करना है, साथ ही मामलों का तेज़ी से निपटारा सुनिश्चित करना और अपराध-मुक्त करने के ज़रिए मुकदमों का बोझ कम करना है।प्रधानमंत्री ने बिल का मसौदा तैयार करने में अपनाए गए विचार-विमर्श वाले तरीके पर भी ज़ोर दिया, और उन सभी लोगों की तारीफ़ की जिन्होंने मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में अपने सुझाव दिए और संसद में बिल का समर्थन किया।प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:“’जीवन की सुगमता’ (Ease of Living) और ‘व्यापार करने की सुगमता’ (Ease of Doing Business) को एक बड़ा बढ़ावा…यह बहुत खुशी की बात है कि संसद ने ‘जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) बिल, 2026’ पारित कर दिया है।

यह बिल एक विश्वास-आधारित व्यवस्था को मज़बूत करता है जो हमारे नागरिकों को सशक्त बनाती है। यह उन नियमों और कानूनों का अंत करता है जो अब पुराने हो चुके हैं। साथ ही, यह मामलों का तेज़ी से निपटारा सुनिश्चित करता है और अपराध-मुक्त करने के ज़रिए मुकदमों का बोझ कम करता है।यह भी ध्यान देने लायक बात है कि इस बिल का मसौदा तैयार करने में विचार-विमर्श वाला तरीका अपनाया गया।उन सभी लोगों को मेरी बधाई जिन्होंने बिल का मसौदा तैयार करने में अपने सुझाव दिए और संसद में इसका समर्थन किया।” https://en.wikipedia.org/wiki/Narendra_Modi#/media/File:The_official_portrait_of_Shri_Narendra_Modi,_the_Prime_Minister_of_the_Republic_of_India.jpg

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