वर्षों से बनी जीत की संस्कृति बड़े मैचों में मदद करती है: माहेला

मुल्लापुर,  मुंबई इंडियंस के मुख्य कोच माहेला जयवर्धने का मानना है कि उनकी टीम ने अपने मुख्य खिलाड़ियों के साथ वर्षों से जो जीत की संस्कृति बनाई है  उससे उन्हें दबाव की परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलती है।

            पांच बार की चैंपियन मुंबई की टीम ने शुक्रवार को यहां आईपीएल के एलिमिनेटर में गुजरात टाइटंस को हराकर दूसरे क्वालीफायर में प्रवेश किया जहां उसका सामना रविवार को पंजाब किंग्स से होगा।

            जयवर्धने ने बड़े मैचों में टीम के अच्छे प्रदर्शन के संदर्भ में कहा कि जीत की संस्कृति बनाए रखने से उन्हें काफी मदद मिलती है।

            उन्होंने मैच के बाद पत्रकारों से कहा  ‘‘जब आपके पास जीतने की संस्कृति होती है  तो उसी चीज़ को आगे बढ़ाने की कोशिश करना आसान होता है। यहां तक ​​कि जब आपको नई टीम मिलती है तब भी हमारे पास कुछ ऐसे खिलाड़ी होते हैं जो काफी अनुभव रखते हैं।’’

            जयवर्धने  ने रोहित शर्मा  सूर्यकुमार यादव  हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह सहित टीम के मुख्य खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा  ‘‘इसलिए  हमारी बातचीत  रणनीति और सब कुछ इस बारे में है कि हम कैसे बेहतर हो सकते हैं  हम कैसे आगे बढ़ सकते हैं। ये खिलाड़ी वर्षों से टीम के विजयी अभियान का हिस्सा रहे हैं।’’

            उन्होंने कहा कि सीनियर खिलाड़ी जीत के बारे में सब कुछ जानते हैं और वे टीम में शामिल होने वाले युवाओं में भी यही भावना भरने की कोशिश करते हैं।

            जयवर्धने ने कहा  ‘जीत की मानसिकता सीनियर खिलाड़ियों और चैंपियन टीम का हिस्सा रहे खिलाड़ियों से आती है। इससे उन्हें मदद मिलती है और मेरा काम नए खिलाड़ियों को उस संस्कृति में ढालना होता है।’’

            श्रीलंका के पूर्व कप्तान ने कहा  ‘‘ नीलामी के बाद हमारी टीम में कुछ नए खिलाड़ी जुड़े थे। हमने उन्हें टीम संस्कृति से अवगत कराया और उन्हें बताया कि हम किस तरह से काम करते हैं  और कैसे आगे बढ़ते हैं।’’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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