विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से फोन पर बातचीत की। इसमें यूक्रेन संघर्ष, ब्लैक सी की सुरक्षा और चल रहे संघर्षों के व्यापक वैश्विक असर पर चर्चा की गई।जयशंकर ने कहा कि दोनों नेताओं ने ब्लैक सी में कमर्शियल शिपिंग और भारतीय नाविकों पर हुए हमलों पर चर्चा की।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसी भी पक्ष की ओर से ऐसे हमले “बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं” हैं और भारत ने इनकी कड़ी निंदा की है। उन्हें यूक्रेन संघर्ष और शांति वार्ता में हालिया घटनाक्रमों के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्होंने दोहराया कि भारत ने हमेशा संबंधित पक्षों के बीच बातचीत और कूटनीति की वकालत की है।विदेश मंत्री ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति की नाज़ुकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे कई संघर्षों का असर ईंधन, उर्वरक और खाद्य सुरक्षा पर पड़ रहा है, खासकर ग्लोबल साउथ के देशों के लिए।
सिबिहा ने कहा कि उन्होंने जयशंकर को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की हालिया वाशिंगटन, डी.सी. यात्रा के नतीजों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ब्लैक सी में आम नागरिकों के जहाज़ों पर रूसी हमले नेविगेशन की आज़ादी को कमज़ोर करते हैं और वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जारी युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में अस्थिरता पैदा की है, जिसके नतीजे यूक्रेन से कहीं आगे तक फैले हुए हैं।यूक्रेन के विदेश मंत्री ने एक व्यापक और स्थायी शांति हासिल करने के लिए कीव की प्रतिबद्धता को दोहराया और भारत को शांति प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। दोनों मंत्री लगातार संपर्क में रहने पर सहमत हुए।https://x.com/andrii_sybiha/status/2082845074287702210/photo/1