विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पारामारिबो में उच्च-स्तरीय मुलाकातों की एक श्रृंखला के दौरान सूरीनाम के साथ अपनी साझेदारी को मज़बूत करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया; इन मुलाकातों का मुख्य केंद्र विकास सहयोग, संसदीय आदान-प्रदान, प्रवासी विरासत और आर्थिक सहयोग था।पारामारिबो में “प्रगति के लिए साझेदारी” विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, जयशंकर ने इस आयोजन के लिए सूरीनाम के विदेश मंत्री मेल्विन बोउवा और सूरीनाम के विदेश मंत्रालय को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और चुनौतियों के बावजूद, मज़बूत अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से ही सर्वोत्तम प्रगति हासिल की जा सकती है।विदेश मंत्री ने एक ऐसे भरोसेमंद साझेदार की विशेषताओं पर प्रकाश डाला, जो राष्ट्रीय हितों और वैश्विक भलाई के बीच संतुलन बनाने में सक्षम हो। इस संदर्भ में, उन्होंने वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती भूमिका का खाका प्रस्तुत किया, जिसमें भारत की विकास साझेदारियों, वैश्विक कार्यबल में उसके योगदान, संकट के समय “प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता” (first responder) के रूप में उसके रिकॉर्ड, और कई नई अंतर्राष्ट्रीय पहलों का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि भारत, सूरीनाम के विकास के सफ़र में उसका साझीदार बना रहेगा और मिलकर भारत-सूरीनाम संबंधों का अगला अध्याय लिखेगा।अपनी यात्रा के दौरान, जयशंकर ने नेशनल असेंबली के अध्यक्ष माइकल अश्विन अधिन से भी मुलाक़ात की और इन चर्चाओं को सौहार्दपूर्ण और सार्थक बताया।
दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की और दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच संसदीय आदान-प्रदान के महत्व पर ज़ोर दिया।मंत्री ने ‘लाला रूख संग्रहालय’ का भी दौरा किया, जो भारत-सूरीनाम की विरासत को समर्पित है।
उन्होंने कहा कि “गिरमिटियों” का साहस और जुझारूपन आज भी कई पीढ़ियों को प्रेरित करता है और भारत तथा सूरीनाम के बीच अटूट दोस्ती का मूल आधार बना हुआ है।एक और अहम कार्यक्रम में, जयशंकर ने पारामारिबो में ‘एग्रो पैशन फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी’ के हैंडओवर समारोह में विदेश मंत्री मेल्विन बोउवा और कृषि मंत्री माइक नोर्सलीम के साथ हिस्सा लिया। भारत की मदद से बनी इस परियोजना का मकसद सूरीनाम के कृषि क्षेत्र में वैल्यू एडिशन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
जयशंकर ने कहा कि इस पहल ने सूरीनाम के एक भरोसेमंद विकास साझेदार के तौर पर भारत की भूमिका को फिर से साबित किया है।https://x.com/DrSJaishankar/status/2052564583731093954/photo/1