मानागुआ, निकारागुआ में विवादास्पद चुनावों के बाद राष्ट्रपति डेनियल ओर्टेगा के शपथ ग्रहण से एक दिन पहले देश की नई संसद के सदस्यों ने रविवार को पदभार ग्रहण कर लिया।
शपथ लेने वाले 90 सांसदों में से 75 ओर्टेगा की सैंडिनिस्टा पार्टी के सदस्य और अन्य 15 उन छोटे दलों से नाता रखते हैं, जिन्हें सरकार का सहयोगी माना जाता है।
सैंडिनिस्टा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद गुस्तावो पोरस को सांसदों ने एकसदनीय संसद के नेता के रूप में चुना।
सांसदों के लिए सात नवंबर को चुनाव हुआ था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई थी।
चुनाव में ओर्टेगा को लगातार चौथी बार शासन करने के लिए चुना गया। चुनाव को व्यापक रूप से एक तमाशा करार दिया गया और इसकी आलोचना की गई थी, क्योंकि ओर्टेगा को चुनौती देने वाले सात संभावित उम्मीदवारों को गिरफ्तार कर लिया गया था और मतदान से कुछ महीने पहले ही उन्हें जेल भेज दिया गया था।
निकारागुआ की सरकार ने नवंबर में घोषणा की थी कि वह ‘ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स’ (ओएएस) से स्वयं को अलग करेगी। यह एक क्षेत्रीय निकाय है, जिसने ओर्टेगा की सरकार पर दमन तथा चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है।
ओएएस महासभा ने चुनाव की निंदा की थी और कहा था, ‘‘ यह स्वतंत्र, निष्पक्ष या पारदर्शी चुनाव नहीं थे और इसमें लोकतांत्रिक वैधता का अभाव था।’’
ओएएस के सदस्य देशों में से 25 ने इस निंदा प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया था, जबकि मेक्सिको सहित सात देश अनुपस्थित थे। केवल निकारागुआ ने ही इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया था।
वहीं, ओर्टेगा के शपथ ग्रहण समारोह में चीन, उत्तर कोरिया, ईरान, रूस और सीरिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं।
क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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