विशेषज्ञों ने कहा: होटलों, हवाई अड्डों पर धूम्रपान के लिए तय स्थान की सुविधा खत्म की जाए

नयी दिल्ली, ‘धूम्रपान निषेध दिवस’ के अवसर पर चिकित्सकों, कैंसर पीड़ितों और होटल संगठनों ने सरकार से आग्रह किया है कि होटलों, रेस्तरां और हवाई अड्डों पर धूम्रपान के लिए कक्ष उपलब्ध कराने की सुविधा खत्म की जाए।

उन्होंने सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद नियंत्रण अधिनियम (कोटपा)2003 को संशोधित करने के लिए प्रक्रिया आरंभ करने के सरकार के कदम की सराहना की और साथ ही यह भी कहा कि धूम्रपान के लिए एक तय स्थान मुहैया कराने वाला प्रावधान हटाया जाए।

उनका कहना है कि ऐसा करने से देश को 100 फीसदी धुंआ मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।

‘मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर’ के प्रमुख डॉक्टर हरित चतुर्वेदी कहते हैं, ‘‘धूम्रपान से फेफड़े पर बहुत बुरा असर पड़ता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है। सभी होटल, रेस्तरां और हवाई अड्डों पर धूम्रपान के लिए तय स्थान की व्यवस्था खत्म होनी चाहिए ताकि 100 प्रतिशत धुंआ मुक्त माहौल सुनिश्चित हो सके।’’

‘हॉस्पिटैलिटी एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश’ के अध्यक्ष डॉक्टर जी पी शर्मा ने कहा, ‘‘कई परिवार उन होटलों में रहना पसंद करते हैं जहां धूम्रपान की अनुमति नहीं होती है। हम प्रसन्न हैं कि सरकार कोटपा कानून के प्रावधानों को मजबूत बना रही है।’’

स्वास्थ्य कार्यकर्ता नलिनी सत्यनारायण का कहना है कि कोटपा कानून में संशोधन करके यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी परिसर में धूम्रपान की अनुमति नहीं होगी।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

%d bloggers like this: