वाशिंगटन, महिला सशक्तीकरण के मोर्चे पर दुनिया के ऊंची छलांग लगाने का दावा करते हुए विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास ने भारत खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की तारीफ की और कहा कि इसमें उनकी ‘‘गहरी दिलचस्पी है।’विश्व बैंक के वसंत सम्मेलन के मौके पर उसके द्वारा ‘उद्यमियों एवं नेताओं के रूप में महिलाओं के सशक्तीरण’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में हिस्सा लेते हए मालपास एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अन्य वक्ताओं के साथ भारत एवं दुनिया में महिलाओं के विकास एवं सशक्तीकरण पर चर्चा की।
सीतारमण ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘ हम फिलहाल महिलाओं के लिए जो कुछ भी कर रहे हैं, हमें उन्हें जारी रखना चाहिए।’उन्होंने उन सभी कदमों के बारे में विस्तार से बताया, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत सरकार ने भारत में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीरकण के लिए उठाया है।
मालपास ने भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की तारीफ की। भारत में विश्व बैंक का व्यापक कार्यक्रम है। मालपास ने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) की (महिला सशक्तीकरण में) गहरी दिलचस्पी है और वह इस मुद्दे को आगे बढ़ा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि महिलाएं संवाद करने में सक्षम हों, उनका बैंक गये बिना ही डिजिटल लेन-देन करना बहुत बड़ा सशक्तीकरण है। सीतारमण ने कहा, ‘‘ मैं आपको भारत में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों का उदाहरण दूंगी, जो भारत में हो रहा है। यदि सौ लोगों को प्रशिक्षण दिया जाता है और उन्हें ऐसे कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाता है, जो रोजगार के लिये उपयोगी है और जिनमें तत्काल भर्ती की संभावना होती है, तो उनमें से जिन लोगों की भर्ती की जाती है, उनमें से 68 फीसद महिलाएं होती हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ इससे यह स्पष्ट होता है कि जब महिलाओं के हाथों में हुनर आ जाता है, तो महिलाएं आगे की छलांग लगाने के लिए कितना तैयार हो जाती हैं।’’
उन्होंने कहा , ‘‘ इसलिए हमें महिलाओं को कुशल बनाने/ उन्हें कौशल प्रदान करने में निवेश करना है तथा विधायी सहयोग ऐसी चीज है, जो भारत जैसे देशों में बहुत महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, हमारे यहां महिलाओं के लिए 12 सप्ताह का वैतनिक मातृत्व अवकाश था, जिसे हमने अब बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया है, यानी 26 सप्ताह तक आपको पूर्ण वेतन मिलता है, आप अपने मातृत्व दायित्वों का निर्वहन कर सकती हैं और अब तो हमारे यहां पितृत्व अवकाश भी दिया जा रहा है।’’
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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