व्यापार, परिवहन संगठनों ने रामलीला मैदान को प्रदर्शन स्थल घोषित करने का किया विरोध

नयी दिल्ली, दिल्ली में व्यापार और परिवहन से जुड़े संगठनों ने रामलीला मैदान को विरोध प्रदर्शन स्थल घोषित किए जाने का विरोध किया। संगठनों का कहना है कि पुरानी दिल्ली के प्रमुख थोक बाजारों के नजदीक होने के कारण यहां प्रदर्शन से माल की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) और ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (एआईएमजीटीए) ने अलग-अलग बयानों में अधिकारियों से प्रदर्शन के लिए तय स्थानों की सूची से रामलीला मैदान को हटाने की मांग की। दिल्ली के पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को जारी स्थायी आदेश में रामलीला मैदान बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को विरोध प्रदर्शन और सभाओं के लिए नया स्थान घोषित किया।

मध्य दिल्ली में स्थित रामलीला मैदान जंतर-मंतर से करीब चार किलोमीटर दूर है। वहीं पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान 12 से 13 किलोमीटर और उत्तरी दिल्ली का बुराड़ी मैदान करीब 21 किलोमीटर दूर है। आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक समिति गठित की थी जिसे मौजूदा निर्धारित स्थल के स्थान पर ऐसे वैकल्पिक स्थानों की पहचान करने का काम सौंपा गया था जहां नागरिक विरोध प्रदर्शन और सभाएं आयोजित करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकें।

सीटीआई ने अपने बयान में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने का स्वागत किया लेकिन कहा कि रामलीला मैदान को इस सूची में शामिल करने से सदर बाजार चांदनी चौक चावड़ी बाजार खारी बावली भागीरथ पैलेस कश्मीरी गेट पहाड़गंज और दरियागंज सहित कई बाजारों का कारोबार प्रभावित हो सकता है। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि संगठन ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने की मांग की थी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। हालांकि गोयल ने कहा कि नए प्रदर्शन स्थलों में रामलीला मैदान को शामिल करना चिंता का विषय है क्योंकि इसके आसपास दिल्ली-6 का बड़ा व्यापारिक क्षेत्र है जहां कई थोक बाजार और व्यापार केंद्र स्थित हैं।

संगठन ने कहा कि रामलीला मैदान में प्रदर्शन होने पर बैरिकेडिंग मेट्रो स्टेशन बंद करने और यातायात पर पाबंदियां लगाने की स्थिति बन सकती है। इससे व्यापारियों ग्राहकों और माल की आवाजाही प्रभावित हो सकती है खासकर त्योहारों के मौसम में।

अलग से ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने भी दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर रामलीला मैदान को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने की मांग की है। संगठन ने 12 अक्टूबर को लिखे पत्र में कहा कि रामलीला मैदान के आसपास कई प्रमुख थोक बाजार हैं। यह नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन के भी नजदीक है और यहां से नयी दिल्ली की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कों तक पहुंचा जा सकता है। संगठन ने कहा कि मैदान में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से यातायात जाम हो सकता है व्यापारिक गतिविधियों में बाधा आ सकती है और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। प्रदर्शनकारियों के नयी दिल्ली या आसपास के संवेदनशील इलाकों की ओर बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।

नयी दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे राष्ट्रीय राजधानी में आम लोगों और कारोबारियों को होने वाली परेशानी कम होगी। एनडीटीए ने बयान में कहा कि रामलीला मैदान बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन के वैकल्पिक स्थल के रूप में तय करना एक व्यावहारिक फैसला है। इससे लंबे समय में आम लोगों और नयी दिल्ली के बाजारों को फायदा होगा।

एनडीटीए के संयुक्त सचिव अमित गुप्ता ने कहा कि जंतर-मंतर के आसपास कारोबार करने वाले व्यापारियों को हाल के दिनों में राजस्व का नुकसान हुआ है। वहीं सेवाओं में रुकावट मेट्रो स्टेशन बंद होने और नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन तक पहुंच सीमित होने से आम लोगों को भी काफी परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि बुराड़ी जैसे निर्धारित स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने से लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकार के तहत विरोध जता सकेंगे और शहर के निवासियों तथा कारोबारियों को होने वाली परेशानी भी कम होगी।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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