शबरिमला सोना चोरी मामले की जांच बाधित करने के लिए हुई विशेष अधिवक्ता की नियुक्ति: पूर्व मंत्री

तिरुवनंतपुरम/ कोट्टायम, केरल के पूर्व मंत्री वी.एन. वासवन ने आरोप लगाया कि शबरिमला सोना गबन से जुड़े मामलों में कुछ आरोपियों की तरफ से पेश हो चुके वकील को देवस्वोम का विशेष अधिवक्ता नियुक्त करने का सरकार का कदम चल रही जांच को ‘कमजोर’ करने की कोशिश है।

वसावन ने इस नियुक्ति को ‘रहस्यमयी’ करार देते हुए कोट्टायम में संवाददाताओं से कहा कि अधिवक्ता के.पी. प्रदीप ने न केवल सोना गबन मामलों में आरोपी गोवर्धन और पंकज भंडारी का पक्ष रखा था बल्कि केरल उच्च न्यायालय में ‘स्मार्ट क्रिएशन्स’ का भी प्रतिनिधित्व किया था जिसे सोने की परत चढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। वह भगवान अयप्पा मंदिर के द्वारपालकों की मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों पर लगी सोने की परत में गबन करने से जुड़े मामलों का जिक्र कर रहे थे। इस पूरे प्रकरण की विशेष जांच टीम (एसआईटी) जांच कर रही है और अबतक अदालत में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है।

चेन्नई की कंपनी ‘स्मार्ट क्रिएशन्स’ को शबरिमला मंदिर की कलाकृतियों पर सोने की परत चढ़ाने का ठेका मिला था और भंडारी उस कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)थे। मौजूदा देवस्वोम मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि प्रदीप की नियुक्ति मंत्रिमंडल के फैसले के अनुसार की गई थी और उन्होंने यह मामला पूरी तरह से मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन पर छोड़ दिया था।

मुरलीधरन ने कहा कि वह मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में मौजूद नहीं थे क्योंकि वायनाड में शिगेला के मामले सामने आने के कारण वे वहां गए हुए थे। मुरलीधरन ने तिरुवंनतपुरम में संवाददाताओं से कहा ‘‘ मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा। उन्हें (प्रदीप को) आरोपियों की कमजोरियों के बारे में पता होगा क्योंकि उन्होंने पहले उनका प्रतिनिधित्व किया था। यह अच्छी बात है।

मंत्रिमंडल के फैसले को किसी मंत्री द्वारा खारिज नहीं किया जाना चाहिए।’’ वासवन ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि प्रदीप के लिए एक नया पद बनाया गया जो पहले नहीं था। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि शबरिमला चोरी मामले में कांग्रेस नेताओं की भूमिका सामने न आ पाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अब तक यह नहीं बताया है कि सोना गबन से जुड़े मामलों के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी दिल्ली में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से उनके आवास पर जाकर क्यों मिले थे।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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