गुवाहाटी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) शिवसागर जिले में कच्चे तेल के कुएं को स्थायी रूप से बंद करेगी। इस कुएं से पिछले नौ दिन से गैस का रिसाव हो रहा है। शर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि ओएनजीसी ने पहले ही दो आपात उपाय किए हैं लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने कहा ‘‘ आमतौर पर ओएनजीसी और ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) इस तरह के रिसाव को रोकने के लिए चार आपात उपाय अपनाते हैं। ओएनजीसी ने पहले ही योजना ‘ए’ और ‘बी’ को लागू कर दिया है लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अब योजना ‘सी’ लागू करेगी जिसके तहत पूरे कुएं को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा और इसके लिए अमेरिकी विशेषज्ञ आज शाम तक शिवसागर पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा ‘‘ कुएं को बंद करने का काम कल से शुरू होगा और अमेरिकी विशेषज्ञों के परामर्श से यह काम किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले चार या पांच दिन में यह काम पूरा हो जाएगा।’’
शर्मा ने कहा कि बहुत प्रयास एवं सटीकता के साथ कई तरीकों की खोज करने के बाद ओएनजीसी अब रिसाव को रोकने के लिए अधिक व्यावहारिक एवं सुरक्षित रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा ‘‘ ….जमीनी स्तर की तैयारियां लगभग 50 प्रतिशत पहले ही पूरी हो चुकी हैं।’
मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘ हमारी प्राथमिकता रिसाव को रोकना और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।’’ यह विस्फोट 12 जून को भटियापार के बारीचुक स्थित ओएनजीसी के रुद्रसागर तेल क्षेत्र के रिग संख्या एसकेपी 135 के कुआं संख्या आरडीएस 147ए में हुआ था। सार्वजनिक क्षेत्र की ‘महारत्न’ कंपनी की ओर से एक निजी फर्म एसके पेट्रो सर्विसेज कुएं का संचालन कर रही थी।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common