सतीशन ने ईडी के हाथ लगी डायरी के बारे में विजयन और रियास के विपरीत बयानों को सामने रखा

तिरुवनंतपुरम,  केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन और उनके दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास ने सीएमआरएल मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जब्त की गई कथित डायरी के बारे में विरोधाभासी बयान दिए हैं।

           सतीशन ने कहा कि उनमें से एक ने सवाल किया कि किस डायरी की बात हो रही है और उसमें क्या है  जबकि दूसरे ने कहा कि उसमें विजयन की बेटी टी. वीणा से जुड़ी भविष्य की कारोबारी योजना का विवरण है।

           यह बयान तब आया है जब प्रवर्तन निदेशालय ने राज्य के पुलिस महानिदेशक रावाडा ए. चंद्रशेखर को पत्र लिखकर विजयन  वीणा  रियास और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है। ऐसा सीएमआरएल रिश्वत मामले की जांच के सिलसिले में कहा गया।

            खबरों के मुताबिक ईडी ने अपने पत्र में एक ‘रेड बुक’ की प्रविष्टियों का उल्लेख किया है। यह बुक कथित तौर पर किराए के उस मकान की तलाशी में मिली थी जहां वीणा रह रही थीं। ईडी का दावा है कि इसमें पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत थे।

           ईडी ने आरोप लगाया है कि प्रविष्टियों में वित्तीय लेन-देन का विवरण है। उसने दावा किया है कि इनसे हवाला के जरिए दुबई पैसे भेजने का संकेत मिलता है। ये आरोप ईडी ने लगाए हैं और अदालत ने इनकी पुष्टि नहीं की है।

           सतीशन ने मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद प्रेसवार्ता में में कहा   एक व्यक्ति ने पूछा कि वह कौन सी डायरी है और किस डायरी की बात हो रही है  जबकि दूसरे ने कहा कि उसमें भविष्य के कारोबार के बारे में विवरण हैं।

          इस मुद्दे पर एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की ईडी की सिफारिश का विश्लेषण कर रही है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह जांच राजनीतिक आधार पर नहीं  बल्कि कानूनी आधार पर की जा रही है।

           उन्होंने कहा  ‘‘ईडी की ओर से सरकार को भेजे गये पत्र में लगाये गये आरोप और अपराध बहुत गंभीर हैं। हम मुख्य रूप से राजनीतिक पहलुओं के बजाय कानूनी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।’’

           मुख्यमत्री ने कहा  ‘‘मैं ज़्यादा विस्तार में नहीं जा रहा हूं क्योंकि कानूनी जांच चल रही है। हम कानूनी पहलुओं पर ध्यान दे रहे हैं  न कि राजनीतिक पहलुओं पर। चूंकि ईडी की तरफ से सौंपे गए पत्र में बताए गए अपराध गंभीर हैं  इसलिए सावधानीपूर्वक जांच के बाद ही कोई फैसला किया जाएगा।’’

           सतीशन ने कहा  ‘‘बाकी चीज़ों की जांच अदालत को करने दें।’’

           ईडी ने हाल में पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर विजयन  वीणा  रियास और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। उसने धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत धनशोधन जांच और तलाशी के दौरान मिले सबूतों का हवाला दिया था।

           निदेशालय का आरोप है कि ‘कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड’ ने ‘आईटी कंसल्टेंसी सर्विस’ के नाम पर वीणा की कंपनी  एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस  (जो अब बंद हो चुकी है) को कुल 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। एजेंसी का कहना है कि ये भुगतान असल में रिश्वत थे।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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