कराड (महाराष्ट्र), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र और देश में सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने वाली ताकतों से लड़ने की जरूरत है। महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे नीत सरकार में राकांपा नेता अजित पवार के उप मुख्यमंत्री बनने के एक दिन बाद पवार ने कराड में पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ हमारे कुछ लोग अन्य पार्टियों को तोड़ने की भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) की चाल का शिकार हो गए।’’
शरद पवार कराड में, अपने गुरु एवं महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण के स्मारक पर पहुंचे और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
राकांपा प्रमुख के भतीजे अजित पवार के नेतृत्व में पार्टी में हुई टूट के एक दिन बाद, गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शरद पवार (82) का दिवंगत चव्हाण के स्मारक प्रीतिसंगम का दौरा करने को शक्ति प्रदर्शित करने के तौर पर देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र और देश में सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है। हमें उन ताकतों से लड़ने की जरूरत है, जो शांति पसंद करने वाले नागरिकों के बीच भय उत्पन्न करती हैं।’’
पवार ने कहा, ‘‘ हमें अपने देश में लोकतंत्र को बचाने की जरूरत है।’’
राकांपा प्रमुख ने कहा कि एक गलत प्रवृत्ति उभर रही है और उसने ही राज्य में पार्टी को तोड़ने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके पीछे का मकसद इन साम्प्रदायिक विचारधाराओं के जरिये देश के मुद्दों को आगे ले जाना है, और इस प्रवृत्ति ने राज्य में उथल-पुथल करने में यही रुख अपनाया है। दुर्भाग्य से, हमारे कुछ सहकर्मी इन तरकीबों का शिकार हो गए।’’
उन्होंने कहा कि साहू महाराज, (ज्योतिबा) फुले और (डॉ भीमराव) आंबेडकर की धरती, महाराष्ट्र के लोग अन्य दलों को तोड़ने में भूमिका निभाने वाली इन प्रवृत्तियों को उनकी सही जगह दिखाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘अगले कुछ महीनों में, हमें लोगों के पास जाने का मौका मिलेगा और उनकी मदद से, हम इन प्रवृत्तियों को दरकिनार कर देंगे तथा एक बार फिर हम एक ऐसी व्यवस्था तैयार करेंगे, जो आम लोगों के हित में काम करेगी।’’
राकांपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी ने राज्य में आम सहमति बनाने के लिए एक निर्णय लिया है और उस अभियान की शुरूआत गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कराड से हुई है, जहां यशवंतराव चव्हाण का स्मारक है।
शरद पवार ने कहा कि एक समय वे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाविकास आघाड़ी के तहत एकजुट हुए और सरकार बनाई, लेकिन कुछ लोगों ने सरकार गिरा दी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल महाराष्ट्र में नहीं हो रहा, बल्कि अन्य राज्यों में भी किया जा रहा है। (कांग्रेस नेता) कमलनाथ नीत मध्य प्रदेश सरकार इसी तरीके से गिरा दी गई और साम्प्रदायिकता को बढ़ावा देने वाली सरकार सत्ता में आई।’’
इससे पहले, शरद पवार की सोमवार सुबह पुणे से कराड के लिए रवाना हुए और रास्ते में कई समर्थकों से मिलने के लिए रुके, जो सड़क किनारे उनका स्वागत करने और उनके प्रति समर्थन व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए थे।
कराड में उनका हजारों समर्थकों और स्थानीय विधायक बालासाहेब पाटिल ने स्वागत किया। कराड से नाता रखने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण भी उनके साथ मौजूद थे।
गौरतलब है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने एकनाथ शिंदे नीत महाराष्ट्र सरकार में रविवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पार्टी के आठ अन्य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इसे राकांपा के संस्थापक शरद पवार के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। शरद पवार ने 24 वर्ष पहले राकांपा की स्थापना की थी।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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