पेरिस, साइबर हमलों के कारण यूरोप की कई सुपरमार्केट शृंखलाओं का कामकाज प्रभावित हुआ है जिससे फ्रांस में सैकड़ों दुकानों की प्रशीतन प्रणालियां बाधित हुई है जबकि एक बड़ी सुपरमार्केट कंपनी को यूरोप और अमेरिका के ग्राहकों के लिए संचालित अपनी वेबसाइटें बंद करनी पड़ीं। फ्रांस के वित्त मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने संसद को बताया कि देश के करीब 10 000 सुपरमार्केट में से लगभग 700 इस हमले से प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि फ्रांस की खाद्य आपूर्ति पर कोई खतरा नहीं है लेकिन स्वीकार किया कि यह हमला ‘‘हमारी खाद्य सुरक्षा की बुनियाद पर चोट करता है।’’ उन्होंने कहा ‘‘यह घटना सभी के लिए एक चेतावनी है।’’इस बीच नीदरलैंड की प्रमुख सुपरमार्केट कंपनी ‘अहोल्ड डेलहाइज’ ने मंगलवार को कहा कि वह सुरक्षा संबंधी समस्या के कारण बंद की गई अपनी प्रणालियों को फिर से चालू करने में जुटी है। कंपनी ने कहा कि नीदरलैंड में ‘अल्बर्ट हेजन’ बेल्जियम में ‘डेलहाइज’ और अमेरिका में ‘स्टॉप एंड शॉप’ ‘फूड लायन’ तथा ‘जायंट’ नाम से संचालित उसके स्टोर खुले रहे। हालांकि इन सभी ब्रांड की वेबसाइट मंगलवार को भी बंद रहीं। अहोल्ड डेलहाइज ने कहा कि उसके पास ग्राहकों या कर्मचारियों के आंकड़ों की चोरी होने का कोई साक्ष्य नहीं है।
पेरिस अभियोजक कार्यालय ने मंगलवार को बताया कि उसकी साइबर अपराध इकाई फ्रांस में हुए इस साइबर हमले की जांच कर रही है। इसमें खाद्य पदार्थों के खराब होने और आग लगने की कथित घटनाओं से हुए नुकसान की जांच भी शामिल है।‘बीएफएम-टीवी’ की खबर के अनुसार हैकरों ने दुकानों की प्रशीतन प्रणालियों में बर्फ पिघलाने की प्रक्रिया लगातार चालू रखी और उनका तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक सेट कर दिया।
यूरोप भर में 4 000 से अधिक स्टोर संचालित करने वाले फ्रांस के सुपरमार्केट समूह ‘ग्रुपमेंट मुसकेतियर्स’ ने बताया कि उसके ‘इंटरमार्शे’ और ‘नेट्टो’ ब्रांड के 300 स्टोर इस हमले से प्रभावित हुए हैं। फ्रांस की किराना दुकानों की शृंखला ‘कोऑपरेटिव यू’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डोमिनिक शेल्चर ने कहा कि कंपनी के कुल 2 000 स्टोर में से 80 पर इस हमले का असर पड़ा है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि ज्यादातर स्टोर अपनी प्रशीतन प्रणालियों को प्रभावित होने से बचाने में सफल रहे लेकिन कुछ दुकानों को खाद्य पदार्थ फेंकने पड़े। इस साइबर हमले से ‘कारफोर’ और ‘मोनोप्रीक्स’ सुपरमार्केट भी प्रभावित हुए हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common