नयी दिल्ली, दिल्ली पुलिस तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा के इस दावे की जांच करेगी कि दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े कुछ लोगों ने दक्षिण दिल्ली के चित्तरंजन पार्क (सीआर पार्क) इलाके में मछली की दुकानों को जबरन बंद कराने की कोशिश की। पुलिस सूत्रों के अनुसार फिलहाल इस संबंध में उन्हें कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है लेकिन पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े तथ्यों की पुष्टि कर रही है। पुलिस के एक सूत्र ने बताया “यह बाजार दिल्ली नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार लाइसेंस प्राप्त है। वीडियो पुराना प्रतीत होता है लेकिन हम घटना की तारीख की पुष्टि कर रहे हैं। अभी तक हमें इस मामले में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।”
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा “कृपया देखें कि कैसे भगवा ब्रिगेड भाजपा के गुंडे दिल्ली के चित्तरंजन पार्क में मछली खाने वाले बंगालियों को धमका रहे हैं। निवासियों का कहना है कि 60 वर्षों में ऐसा कभी नहीं हुआ।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा “चितरंजन पार्क में जिस मंदिर पर अब भाजपा के गुंडे दावा कर रहे हैं उसे मांसाहारी बाजार विक्रेताओं ने बनवाया था। वे वहां पूजा करते हैं और वहां भव्य पूजा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। दिल्ली में भाजपा शासन के तीन महीने पूरे होने पर यह एक ‘शानदार’ उपहार है।”
महुआ ने तीसरी पोस्ट में लिखा “सीआर पार्क के पास रहने वाले एक बंगाली व्यक्ति का व्हाट्सएप मैसेज मिला जिसमें कहा गया है कि मांस और मछली की दुकानों को जबरन बंद कराया जा रहा है और स्थिति बेहद खराब है।” वहीं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हर किसी को प्रार्थना स्थल की मर्यादा का सम्मान करना चाहिए और सीआर पार्क के मछली व्यापारी हमेशा से ऐसा करते आए हैं। मछली बाजार कानूनी रूप से आवंटित किए गए हैं और क्षेत्र की आवश्यकता हैं। व्यापारी इलाके में उच्च स्वच्छता मानक बनाए रखते हैं और नियमित रूप से सीआर पार्क की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भाग लेते हैं।”
सचदेवा ने यह भी कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि महुआ मोइत्रा द्वारा साझा किया गया वीडियो राजनीतिक फायदे के लिए तैयार किया गया है जिसका उद्देश्य सीआर पार्क के सामुदायिक सौहार्द को बिगाड़ना है। उन्हेांने कहा ‘‘हम इस घटना की निंदा करते हैं और दिल्ली पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।
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