दिल्ली, जेसीबी लिटरेचर फाउंडेशन के सहयोग से एक्सेस फॉर ऑल ने दिल्ली में अपनी किस्म के पहले विशेष एक्सेसिबल लर्निंग बॉक्स – सुगम्य क़िस्सा पिटारा पहल का अनावरण किया। सुलभ और समावेशी शिक्षा की तत्काल आवश्यकता को पहचानते हुए इस पहल का उद्देश्य देश भर में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना और सीखने में उनका उत्साह बढ़ाना है।
जेसीबी की ओर से यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रत्येक बच्चे को सशक्त बनाने के साझा दृष्टिकोण के साथ, यह अभिनव शैक्षणिक पहल शिक्षा अंतराल को पाटने और अधिक समावेशी शैक्षणिक परिदृश्य तैयार करने का प्रयास करती है।
बयान के अनुसार, सुगम्य किस्सा पिटारा सिर्फ एक सीखने का जरिया नहीं है; यह शिक्षा लेने का एक परिवर्तनकारी अनुभव है। विशेष आवश्यकताओं के लिए बड़े फ़ॉन्ट, संवेदी, मूक और व्यवहार संबंधी पुस्तकों जैसे विविध उपकरणों की विशेषता के साथ, यह पहल ब्रेल और बड़े फ़ॉन्ट के साथ स्पर्श और संवेदी पुस्तकों के माध्यम से दृष्टिबाधित बच्चों की विशेष आवश्यकताओं को संबोधित करती है, जो सभी के लिए शिक्षा प्राप्त करने की सुगमता को सुनिश्चित करती है।
जेसीबी ने बताया कि प्रत्येक सुगम्य क़िस्सा पिटारा व्यक्तिनिष्ठ अनुभव के साथ सुरक्षित और उपयोग में आसान है, जिसमें विशेषज्ञ कलाकारों द्वारा निर्मित विशेष उपकरण शामिल हैं जो सीखने के माहौल में एक समावेशिता का पुट डालते हैं। बेहतर संज्ञानात्मक विकास के लिए सेंसरी मैट से सुसज्जित ये पिटारा शैक्षणिक अनुभवों के लिए एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करता है।
कक्षा से संबंधित शैक्षणिक गतिविधियों से हटकर शिक्षा के अनुभव को अधिक समावेशी बनाने के लिए सुगम्य क़िस्सा पिटारा नई पुस्तकों, गतिविधियों और समावेशी शिक्षण विशेषज्ञों द्वारा दिए गए विशेष प्रशिक्षण के साथ माता-पिता और देखभाल करने वालों की भी सहायता करता है।
जेसीबी के एक पदाधिकारी ने बताया कि हिंदी और अंग्रेजी में विशेष रूप से तैयार किए गए मैनुअल घर पर प्रभावी तरीके से सीखने के माहौल को बढ़ावा देने के लिए अमूल्य अंतर्दृष्टि और सहायता प्रदान करते हैं।
पहल के बारे में एक्सेस फॉर ऑल टीम के सदस्यों सिद्धांत और निराली शाह ने बताया, ‘‘हम अपने उत्पादों में सर्वोत्तम वैश्विक अनुभवों को शामिल करते हुए उन्हें एक सुविचारित सरंचना के अनुरूप लाते हैं ताकि विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के साथ साथ दिव्यांग छात्रों के साथ एक जुड़ाव सक्षम हो सके और एक साझा शैक्षणिक अनुभव को बढ़ावा दिया जा सके।’’
उन्होंने बताया कि फाउंडेशन के अंतर्गत सुगम्य किस्सा पिटारा दिव्यांगों को पढ़ने का सुख उपलब्ध कराने वाली पहली परियोजना नहीं है। वर्षों से फाउंडेशन ‘सक्षम’ एनजीओ के साथ काम कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फाउंडेशन के प्रमुख प्रोजेक्ट जेसीबी प्राइज फॉर लिट्रेचर के सभी शॉर्टलिस्ट किए गए उपन्यासों को दृष्टिबाधित अनुकूल प्रारूपों (ब्रेल और डिजिटल) में परिवर्तित किया जाए और इसके डिजिटल संस्करण डेज़ी लाइब्रेरी (सुगम्य पुस्तकालय) के माध्यम से दुनिया भर में मुफ्त में उपलब्ध कराए जाएं।
दिल्ली से शुरुआत के साथ, सुगम्य क़िस्सा पिटारा कार्यक्रम जल्द ही देश के अन्य हिस्सों में जाने के लिए तैयार है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common