स्पेन में पोप की युवा रैली में अवसाद और घरेलू हिंसा पर खुलकर बात हुई

बार्सिलोना,  पोप लियो 14वें ने स्पेन के युवाओं को अपनी आस्था पर दृढ़ बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने एक रैली की अध्यक्षता की जिसमें अवसाद  घरेलू हिंसा और पारिवारिक संबंधों में कलह पर खुलकर चर्चा की गई।

             अमेरिका में जन्मे पोप का बार्सिलोना के ओलंपिक स्टेडियम में ज़ोरदार स्वागत किया गया। स्पेन की उनकी एक हफ्ते की यात्रा का यह दूसरा पड़ाव था  जिसमें देश में धर्मनिरपेक्षता के प्रति मजबूत झुकाव के बावजूद भारी भीड़ उमड़ी।

             जब लियो अपनी  पोपमोबाइल  कार में स्टैंड से बाहर आए और मैदान का चक्कर लगाया  तो वहां उपस्थित लगभग 40 000 लोगों की भीड़ खुशी से झूम उठी। जब भी वे बच्चों को आशीर्वाद देने या रुककर अपना खास  6-7  वाला हाथ का इशारा करते तो लोग उत्साहित हो जाते।

             इस कार्यक्रम में कैटलन संस्कृति की कई झलकियां देखने को मिलीं  जिसमें इस इलाके के मशहूर  ह्यूमन टॉवर  (इंसानों से बनी मीनार) बनाने वाले कलाकारों—जिन्हें  कास्टेलर्स  कहा जाता है—का प्रदर्शन भी शामिल था। जब समूह के सबसे छोटे बच्चे ने आठ मंज़िला मीनार की चोटी पर पहुंचकर हाथ हिलाया और फिर तेज़ी से नीचे उतरा  तो पोप ने भी तालियां बजाकर उत्साहवर्द्धन किया।

क्रडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: