नयी दिल्ली, रेल मदद ऐप पर डिब्बों और चादर कंबल की स्वच्छता को लेकर यात्रियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों में सितंबर 2025 की तुलना में अक्टूबर और नवंबर 2025 में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जबकि इसी अवधि में ‘उत्कृष्ट’ और ‘संतोषजनक’ प्रतिक्रियाओं में मामूली गिरावट आई।
शिकायतों के मुकाबले सकारात्मक प्रतिक्रियाओं (फीडबैक) में कमी को लेकर चिंता जताते हुए रेलवे मंत्रालय ने अपने सभी जोन से इसके कारणों की पहचान कर शिकायत निवारण तंत्र को बेहतर बनाने के लिए उपयुक्त कदम उठाने को कहा है।
रेलवे मंत्रालय ने छह जनवरी को सभी जोन को भेजे पत्र में कहा “रेल मदद शिकायतों की मासिक समीक्षा के दौरान सितंबर 2025 की तुलना में अक्टूबर और नवंबर 2025 के लिए फीडबैक के तहत चादर कंबल और कोच स्वच्छता से संबंधित शिकायतों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया जिसमें कुल फीडबैक प्रतिशत में गिरावट तथा ‘उत्कृष्ट’ और ‘संतोषजनक’ फीडबैक अनुपात में कमी सामने आई है।”
व्यवस्था बनाये रखने संबंधी सेवाओं के लिए जिम्मेदार सभी जोनल प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियरों को भेजे गए पत्र में कहा गया है “जोनल रेलवे से अनुरोध है कि फीडबैक अनुपात तथा ‘उत्कृष्ट’ और ‘संतोषजनक’ अनुपात में आई कमी के कारणों का विश्लेषण करें और शिकायत निवारण में सुधार के लिए उपयुक्त कदम उठाएं।”
मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2025 में चादर कंबल से संबंधित 8 758 शिकायतें प्राप्त हुई थीं जो अक्टूबर में बढ़कर 13 406 और नवंबर में 13 196 हो गईं। यह सितंबर की तुलना में अक्टूबर और नवंबर में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
इन शिकायतों के विरुद्ध यात्रियों से प्राप्त फीडबैक सितंबर में 3 628 अक्टूबर में 4 766 और नवंबर में 4 582 रहा। हालांकि अक्टूबर और नवंबर में फीडबैक की संख्या बढ़ी लेकिन शिकायतों के अनुपात में फीडबैक प्रतिशत सितंबर के बाद के महीनों में थोड़ा कम रहा।
कुल फीडबैक में ‘उत्कृष्ट’ और ‘संतोषजनक’ श्रेणी के फीडबैक के अनुपात के विश्लेषण से पता चला कि सितंबर की तुलना में अक्टूबर में 1.9 प्रतिशत और नवंबर में 0.83 प्रतिशत की गिरावट आई।
कोचों की स्वच्छता से जुड़ी शिकायतें सितंबर में 24 758 थीं जो अक्टूबर में बढ़कर 33 804 और नवंबर में 36 673 हो गईं। नवंबर में इस तरह की शिकायतों में सितंबर की तुलना में लगभग 48 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इन शिकायतों के विरुद्ध यात्रियों से प्राप्त फीडबैक सितंबर अक्टूबर और नवंबर में क्रमशः 8 987 10 553 और 10 607 रहा। मंत्रालय के अनुसार ‘उत्कृष्ट’ और ‘संतोषजनक’ फीडबैक में अक्टूबर में 2.62 प्रतिशत और नवंबर में 1.19 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
मंत्रालय ने कहा “रेल मदद पोर्टल को यात्रियों की शिकायतों के पंजीकरण वास्तविक समय में निगरानी और समयबद्ध समाधान को सुविधाजनक बनाने के लिए एक एकीकृत डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली के रूप में शुरू किया गया था जिससे यात्री संतुष्टि में सुधार हुआ है।”
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common