अंकारा, तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने सोमवार को संकेत दिया कि उनका देश उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में स्वीडन की सदस्यता की पुष्टि करने के लिए तैयार नहीं है। एर्दोआन ने दोहराया कि स्वीडन को अभी और सुधार करने की जरूरत है। कैबिनेट बैठक के बाद एर्दोआन ने पिछले हफ्ते स्वीडन में विरोध-प्रदर्शन के दौरान कुरान की प्रति जलाए जाने की घटना की निंदा की और एक बार फिर इस कृत्य को मुसलमानों के खिलाफ घृणा अपराध बताया।
एर्दोआन ने कहा, ‘‘हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवादी संगठनों और ‘इस्लामोफोबिया’ के खिलाफ दृढ़ लड़ाई ही हमारा आखिरी मकसद है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हर किसी को यह स्वीकार करना होगा कि आतंकवाद का समर्थन करके या आतंकवादियों के लिए जगह बनाकर तुर्किये की दोस्ती नहीं जीती जा सकती।’’तुर्किये सैन्य गठबंधन में स्वीडन की सदस्यता को अंतिम मंजूरी देने को टालता रहा है। उसने देश पर इस्लाम विरोधी प्रदर्शनों और उन संगठनों के प्रति बहुत उदार होने का आरोप लगाया है, जिन्हें तुर्किये सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। इनमें उग्रवादी कुर्द समूह भी शामिल हैं, जिन्होंने तुर्किये में दशकों से घातक विद्रोह छेड़ रखा है। जयशंकर ने कहा कि भारत ने कनाडा, ब्रिटेन तथा अमेरिका जैसे अपने साझेदार देशों को ‘‘चरमपंथी खालिस्तानी विचारधारा’’
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