शिमला, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नौणी बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय को तेजी से फैल रहे रहस्यमयी सेब रोग की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस रोग से सेब की फसल को काफी नुकसान हो रहा है। हिमाचल प्रदेश में सेब 4 500 करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था है और सेब का मौसम जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में शुरू होता है।
यहां जारी एक बयान में कहा गया कि सेब उत्पादकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें सेब के बगीचों में तेजी से फैल रहे एक नए रोग के बारे में बताया जिससे उनकी फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। इसके बाद यह निर्देश दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस बीमारी के कारण सेब के पत्ते पीले पड़ रहे हैं और समय से पहले गिर रहे हैं जिससे उपज में भारी गिरावट आ रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मुद्दे की जांच करने और उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।
मामले का संज्ञान लेते हुए सुक्खू ने वाईएस परमार बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति को निर्देश दिया कि वह विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ दल को बिना किसी देरी के प्रभावित क्षेत्रों में भेजें तथा वैज्ञानिक तरीके से बीमारी की जांच करें और सेब किसानों को रोकथाम एवं नियंत्रण उपायों के बारे में जानकारी दें।
उन्होंने कुलपति को सात दिनों के भीतर राज्य सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए भी कहा ताकि जल्द से जल्द उचित कदम उठाए जा सकें।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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