नाहन (हिमाचल प्रदेश) हाटी समुदाय के नेताओं ने अपने समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने के लिए बृहस्पतिवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
हाटी नेताओं ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर पांच से 16 दिसंबर को नाहन और शिलाई में समुदाय द्वारा आयोजित ‘आक्रोश महा रैलियों’ ने एक मजबूत संदेश भेजा, जिससे राज्य सरकार को अंततः उन्हें एसटी का दर्जा देना पड़ा।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस संबंध में सोमवार को अधिसूचना जारी की थी।
सिरमौर जिले के ट्रांसगिरी क्षेत्र की 154 पंचायतों में रहने वाले समुदाय के लगभग 3 लाख सदस्य संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (दूसरा संशोधन) अधिनियम, 2023 को लागू नहीं करने और समुदाय को एसटी के रूप में अधिसूचित नहीं करने को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
इस संबंध में भारत सरकार से स्पष्टीकरण मिलने के बाद हाटी नेताओं ने कहा कि वे हाटी विरोधी वर्गों के सभी राजनीतिक दबावों को नजरअंदाज करते हुए कानून लागू करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के आभारी हैं।
पांवटा हाटी इकाई के अध्यक्ष ओपी चौहान ने कहा कि राजस्व विभाग के सिरमौर जिले के अधिकारियों ने हट्टियों को आदिवासी प्रमाण पत्र जारी करना शुरू कर दिया है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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