पश्चिम बंगाल में हिंसा पर योगी आदित्यनाथ ने कहा, दंगाइयों का एकमात्र इलाज ‘डंडा’ है

हरदोई, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में जारी हिंसा पर मंगलवार को कहा कि दंगाइयों का इलाज सिर्फ ‘डंडा’ है और ‘डंडे’ के बिना वे नहीं मानेंगे। योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि बंगाल जल रहा है लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुप्पी साधे हुए हैं और दंगाइयों को शांतिदूत कहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन दंगाइयों का इलाज ‘डंडा’ है और ‘डंडे’ के बिना वे नहीं मानेंगे।

योगी ने कहा “लातों के भूत बातों से कहा मानने वाले हैं ” उन्होंने मंगलवार को हरदोई में 650 करोड़ रुपये की 729 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा “आप देख रहे हैं कि बंगाल जल रहा है उस राज्य की मुख्यमंत्री चुप हैं और ‘दंगाइयों को शांतिदूत’ कहती हैं। अरे लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं लेकिन धर्मनिरपेक्षता के नाम पर दंगाइयों को दंगे करने की पूरी छूट दे दी गई है। सरकार चुप है। इस तरह की अराजकता पर नियंत्रण होना चाहिए। पूरा मुर्शिदाबाद पिछले एक हफ्ते से जल रहा है।”

उन्होंने कहा ‘‘हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आभारी हैं जिन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक पारित करवाया और इस अधिनियम के माध्यम से गरीबों की जमीन और सार्वजनिक भूमि की डकैती पर लगाम लगाई। अब जो जमीन वापस आएगी उस पर अस्पताल गरीबों के लिए घर स्कूल विश्वविद्यालय और निवेश के लिए भूमि बैंक बनाए जाएंगे। लेकिन अब किसी को भी जमीन हड़पने और गुंडागर्दी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’’ उन्होंने कहा ‘‘इसलिए ये लोग परेशान हैं क्योंकि जमीन के नाम पर जो लूट होती थी वह बंद होने जा रही है।

इस बात की चिंता है कि उनके गुंडे बेरोजगार हो जाएंगे जो पहले जनता को लूटते थे। आदित्यनाथ ने कहा ‘‘उन्हें डर है कि अगर उनके गुंडे भस्मासुर बन गए तो वे (गुंडे) उन्हें लूटना शुरू कर देंगे उन्होंने जो अपार संपत्ति जमा की है वह लूट ली गई है। इसलिए वक्फ के नाम पर वे लोगों को बेवकूफ बनाने और उन्हें गुमराह करने का काम कर रहे हैं।’’ हिंदू धर्म में भस्मासुर एक राक्षस है जिसे यह शक्ति दी गई थी कि वह जिस किसी के सिर को अपने हाथ से छूएगा वह तुरंत जलकर राख (भस्म) हो जाएगा। आदित्यनाथ ने कहा “मैं वहां की अदालत को धन्यवाद देना चाहता हूं जिसने वहां केंद्रीय बलों की तैनाती की अनुमति दी और अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाए।” आदित्यनाथ की यह टिप्पणी शुक्रवार और शनिवार को मुर्शिदाबाद जिले के सूती धुलियान और जंगीपुर सहित कई इलाकों में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद आई है जो हाल ही में लागू किए गए वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के प्रति आक्रोश के कारण भड़के थे। प्रदर्शन जल्द ही झड़पों में बदल गए जिसमें कम से कम तीन लोग मारे गए और कई घायल हो गए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद दंगों पर कांग्रेस समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस चुप हैं। आदित्यनाथ ने दंगाइयों पर निशाना साधते हुए कहा “वे एक के बाद एक धमकियां दे रहे हैं और बांग्लादेश में जो हुआ उसका समर्थन कर रहे हैं। अगर उन्हें बांग्लादेश पसंद है तो उन्हें बांग्लादेश ही चले जाना चाहिए। आप अब भी भारत की धरती पर बोझ क्यों हैं ” इस बीच अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के दंगा प्रभावित हिस्सों में जनजीवन सामान्य हो रहा है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बल वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर हिंसा की किसी भी नई घटना को रोकने के लिए कड़ी निगरानी कर रहे हैं। मुर्शिदाबाद के सुती धुलियान और जंगीपुर सहित कुछ हिस्सों में नये वक्फ कानून को लेकर शुक्रवार और शनिवार को हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। पुलिस ने बताया था कि प्रदर्शन जल्द ही झड़पों में बदल गए जिसमें कम से कम तीन लोग मारे गए और कई लोग घायल हो गए। आदित्यनाथ ने सुरक्षा के बेहतर माहौल पर कहा “जब सुरक्षा का माहौल बेहतर होता है तो निवेश आता है रोजगार सृजन होता है।”क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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