जयपुर, कांग्रेस ने 14 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली “वोट चोर-गद्दी छोड़” महारैली की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस रैली को लेकर पार्टी के पदाधिकारियों की शनिवार को यहां जयपुर में बैठक हुई। कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी शामिल हुए।
पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार डोटासरा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर दावा किया कि इस प्रक्रिया के दौरान बहुत अधिक संख्या में मतदाता प्रपत्र बिना जमा किए (अनकलेक्टेड) बताए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस की तरफ झुकाव वाले समुदायों को निशाना बनाकर मतदाता सूची पर असर डालने की कोशिश कर रही है।
डोटासरा ने कहा इन मतदाताओं की समीक्षा और जानकारी कांग्रेस के स्थानीय बीएलए को करनी होगी अन्यथा भाजपा निर्वाचन आयोग से मिलकर कांग्रेस के मजबूत स्थानों से मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवा देगी। इसे रोकने का दायित्व सभी कांग्रेसजनों पर है।
इस बैठक में मौजूद एक वरिष्ठ नेता ने आंतरिक आकलन का हवाला देते हुए कहा “यह कोई सामान्य पुनरीक्षण नहीं है। हमें ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं।”
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज देश का लोकतंत्र खतरे में है देश किस दिशा में जा रहा है यह किसी को नहीं पता इसलिये लोकतंत्र की रक्षा हेतु सभी कांग्रेसजनों को एकजुट होकर लोकतंत्र बचाने की इस लड़ाई में शामिल होना पड़ेगा।
रंधावा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अनुशासन में रहने और इसे एक दिन के अभियान के बजाय लंबी लड़ाई मानने को कहा। पायलट ने इस मुद्दे को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम मुद्दा बताते हुए कहा कि अगर मतदाताओं के नाम हटा दिए गए तो बाकी चुनाव का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
पायलट ने कांग्रेस नेताओं से यह सुनिश्चित करने को कहा कि गरीब दलित आदिवासी और बुज़ुर्ग मतदाताओं से उनके मतदान का अधिकार न छिने।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common