CJP नेता ज़मानती बॉन्ड पर रिहा

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और नेता आशुतोष रंका और सौरव दास को 11 अक्टूबर को रिहा कर दिया गया। इससे एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया था।दिल्ली पुलिस के अनुसार, ये गिरफ़्तारियां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत की गई थीं।

तीनों दिल्ली कैंट स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश हुए और एक साल तक शांति और अच्छा व्यवहार बनाए रखने के लिए ₹50,000 का ज़मानती बॉन्ड भरने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। पुलिस का कहना था कि सभी तय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।

मुंबई से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनकी फ़्लाइट के उतरने के बाद नेताओं को विमान के अंदर ही हिरासत में ले लिया गया था। वे मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग वाले प्रदर्शन में शामिल होने आए थे। पुलिस ने इस सभा के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था।रिहाई के बाद, CJP नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन पर लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाए।

सौरव दास ने आरोप लगाया कि उन्हें हिरासत में लेने के कारणों के बारे में नहीं बताया गया और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। समूह ने कहा कि वह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के ज़रिए अपना अभियान जारी रखेगा।CJP प्रतिनिधियों ने कहा कि वे जंतर-मंतर पर एक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति और तारीख मांगने के लिए 12 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस से संपर्क करेंगे। https://en.wikipedia.org/wiki/Abhijeet_Dipke#/media/File:Abhijeet_Dipke_during_an_interview_with_LetsUpp_Marathi_on_YouTube_(in_Marathi).jpg

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