दिल्ली के एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया। उन्होंने लिखित आश्वासन दिया था कि वे सार्वजनिक शांति बनाए रखेंगे और जंतर-मंतर पर कोई विरोध प्रदर्शन आयोजित नहीं करेंगे, क्योंकि फिलहाल वहां विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है।
स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) ऋतु राज ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कार्यवाही (preventive proceedings) में दिल्ली पुलिस की उस अर्जी पर विचार करते हुए यह आदेश जारी किया, जिसमें न्यायिक हिरासत को तीन दिन और बढ़ाने की मांग की गई थी।दोनों नेताओं ने अपने लिखित आश्वासन में कहा कि वे ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहेंगे जिससे सार्वजनिक व्यवस्था (public order) बिगड़ने का खतरा हो। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में कोई भी प्रदर्शन संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने न्यायिक प्रणाली में अपना भरोसा भी जताया।दास और रंका को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित एक प्रदर्शन के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था और अगले दिन उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बाद में उनकी हिरासत की अवधि 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई थी।
इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट में उनकी हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई थी। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद के यह सुझाव देने के बाद कि उन्हें SEM के समक्ष उचित राहत की मांग करनी चाहिए, याचिका वापस ले ली गई।SEM ने उनकी हिरासत की अवधि और बढ़ाने से इनकार कर दिया और उन्हें 50,000 रुपये के निजी मुचलके (personal bond) और इतनी ही राशि के ज़मानत बांड (surety bond) भरने पर रिहा करने का आदेश दिया। मामले की कार्यवाही जारी रहेगी और अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी।https://x.com/SauravDassss/status/2106043414185967656/photo/1