GST काउंसिल ने गिरफ्तारी के अधिकार हटाने, नियमों का पालन आसान बनाने और तेज़ी से रिफंड देने की सिफारिश की

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि GST काउंसिल ने अपनी 57वीं बैठक में GST के तहत गिरफ्तारी के अधिकार हटाने, कानूनी कार्रवाई शुरू करने की सीमा (प्रॉसिक्यूशन थ्रेशोल्ड) को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने और सामान्य जुर्माना ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 करने की सिफारिश की।राज्यों के बीच सामान की आवाजाही को आसान बनाने के लिए, काउंसिल ने सिफारिश की कि केवल सप्लायर राज्य या डेस्टिनेशन राज्य के अधिकारी ही जांच, हिरासत में लेने या ज़ब्त करने की कार्रवाई कर सकें; बीच में पड़ने वाले राज्यों द्वारा कोई जांच नहीं की जाएगी।

किसी वाहन या खेप को रोकने के लिए ठोस जानकारी और कम से कम जॉइंट कमिश्नर रैंक के अधिकारी से मंज़ूरी ज़रूरी होगी।काउंसिल ने रजिस्ट्रेशन की जानकारी में सामान्य बदलावों (जैसे बिज़नेस की अतिरिक्त जगह जोड़ना) को अपने-आप मंज़ूरी देने और टैक्सपेयर द्वारा रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया को आसान बनाने का भी फ़ैसला किया।रिफंड की मंज़ूरी मिलने की समय-सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन कर दी जाएगी; अगर कोई जवाब नहीं मिलता है, तो इसे मंज़ूरी मिल गई मान लिया जाएगा।

रिस्क असेसमेंट के आधार पर, उम्मीद है कि सिस्टम मंज़ूरी मिलने के तीन कामकाजी दिनों के भीतर सभी दावों में से 90% को मंज़ूरी दे देगा।काउंसिल ने बिज़नेस के खर्चों के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट की पात्रता का दायरा बढ़ाने की सिफारिश की, जिसमें कर्मचारियों का हेल्थ और लाइफ़ इंश्योरेंस और टेलीकॉम टावर शामिल हैं।

इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत रिफंड में 1 नवंबर, 2026 से लिए गए क्रेडिट के लिए इनपुट सर्विस भी शामिल होंगी।सीतारमण ने कहा कि GST सेवा केंद्र टैक्सपेयर्स को सुधारों का फ़ायदा उठाने और डॉक्यूमेंट्स व रिपोर्ट फ़ाइल करने और अपलोड करने में मदद करेंगे। उन्होंने आसान और ज़्यादा पारदर्शी सिस्टम के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।https://x.com/gupta_rekha/status/2108150808332374112/photo/1

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