भारतीय नौसेना का INS सुनायना, जो IOS SAGAR पहल के तहत तैनात एक ऑफशोर पेट्रोल वेसल है, 21 अप्रैल 2026 को इंडोनेशिया के जकार्ता पहुंचा। यह हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी ऑपरेशनल तैनाती के दौरान तीसरा पोर्ट कॉल था।इस जहाज़ पर 16 मित्र देशों के क्रू सदस्य सवार थे। जकार्ता पहुंचने से पहले, जहाज़ ने मलक्का और सिंगापुर की संकरी जलडमरूमध्य से गुज़ारा, जिससे उसकी उच्च स्तरीय इंटरऑपरेबिलिटी और नेविगेशनल दक्षता का प्रदर्शन हुआ।
IOS SAGAR, भारत के MAHASAGAR (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र प्रगति) विज़न की एक व्यावहारिक अभिव्यक्ति है। यह “साझेदारी के माध्यम से नेतृत्व, एकता के माध्यम से शक्ति और शांति के माध्यम से प्रगति” के मूलमंत्र को साकार करता है। इस मिशन ने 16 से 29 मार्च 2026 तक भारत में अपना ‘हार्बर फेज़’ (बंदरगाह चरण) पूरा किया, और वर्तमान में यह ‘सी फेज़’ (समुद्री चरण – अप्रैल-मई 2026) में आगे बढ़ रहा है।
इस चरण के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में स्थित कई मित्र देशों के बंदरगाहों पर जहाज़ का ठहराव शामिल है।जकार्ता में पोर्ट कॉल के दौरान, यह जहाज़ पेशेवर, सामाजिक और खेल-कूद से जुड़ी गतिविधियों के ज़रिए इंडोनेशियाई नौसेना (TNI AL) के साथ जुड़ेगा।
INS सुनायना के कमांडिंग ऑफिसर ने कोडेराल III (नौसेना क्षेत्रीय कमान III) के वरिष्ठ नेतृत्व से मुलाक़ात की। नियोजित गतिविधियों में पेशेवर आदान-प्रदान, संयुक्त योग सत्र, खेल आयोजन, हितधारकों द्वारा जहाज़ का दौरा और एक डेक रिसेप्शन शामिल हैं। जहाज़ के प्रस्थान के समय इंडोनेशियाई नौसेना के साथ एक पैसेज अभ्यास (PASSEX) निर्धारित है।
यह पहल भारत की ‘पड़ोसी पहले’ (Neighbourhood First) नीति और ‘महासागर’ (MAHASAGAR) के दृष्टिकोण को रेखांकित करती है, और इस बात की पुष्टि करती है कि “एक स्वतंत्र, खुला और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र सभी राष्ट्रों के हित में है”।https://x.com/PIB_India/status/2046587278794133785/photo/3