दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने इंडिया हैबिटेट सेंटर में इंडिया फ़ाउंडेशन द्वारा आयोजित श्री कांची कामकोटि पीठम के 70वें पीठाधिपति, परम पूज्य श्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती स्वामीगल के आशीर्वचन कार्यक्रम में भाग लिया।
उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय राजधानी में परम पूज्य स्वामीजी का स्वागत किया और कहा कि यह यात्रा भारत की सभ्यतागत विरासत के साथ दिल्ली के जुड़ाव को और मज़बूत करती है। उन्होंने वेद, विद्या और वैद्य (एकीकृत शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, विरासत संरक्षण और युवाओं व महिलाओं के सशक्तिकरण सहित) के क्षेत्रों में पीठम के कार्यों पर प्रकाश डाला और इसे राष्ट्रीय एकता और जन-कल्याण में योगदान बताया।
संधू ने कहा कि परम पूज्य स्वामीजी के मूल्य और शिक्षाएँ ‘विकसित भारत’ की यात्रा को प्रेरित करती रहेंगी। उन्होंने भारत और दिल्ली की निरंतर प्रगति और समृद्धि के लिए परम पूज्य स्वामीजी का आशीर्वाद भी माँगा।
संबोधन के बाद, उपराज्यपाल ने इंडिया हैबिटेट सेंटर में उपस्थित लोगों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सभी आयु वर्ग के लोगों के साथ बातचीत करना उत्साहजनक था, जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय विकास में गहरी रुचि दिखाई।
उन्होंने कहा कि ऐसी बातचीत इस बात की पुष्टि करती है कि भारत के सभ्यतागत मूल्यों को संरक्षित करना पीढ़ियों की सामूहिक ज़िम्मेदारी है, जिसमें देश के भविष्य को आकार देने में युवा अहम भूमिका निभाते हैं।