भारतीय ध्वज वाला LPG टैंकर ‘शिवालिक’ संघर्ष-प्रभावित होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार करने के बाद गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच गया है। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता को लेकर यह एक आश्वस्त करने वाली खबर है। इस क्षेत्र में समुद्री यातायात में बाधाओं के बावजूद, इस जहाज़ को पहले ही इस रणनीतिक जलमार्ग से गुज़रने की मंज़ूरी मिल गई थी।
‘शिवालिक’ उन दो भारतीय ध्वज वाले जहाज़ों में से एक था, जो लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) ले जा रहे थे और जिन्हें ईरानी अधिकारियों द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने की अनुमति दी गई थी। दूसरा जहाज़, ‘नंदा देवी’, भी LPG कार्गो ले जा रहा है और उसी रास्ते से अपनी यात्रा पूरी करने के बाद जल्द ही भारत पहुंचने की उम्मीद है। दोनों जहाज़ भारत के लिए LPG की खेप ले जा रहे थे, और इस अहम समुद्री मार्ग से उनका सुरक्षित गुज़रना ऐसे समय में हुआ है, जब क्षेत्रीय संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर चिंताओं को बढ़ा दिया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा पारगमन मार्गों में से एक बना हुआ है।
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