प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेरिस में VivaTech के दसवें संस्करण को संबोधित किया। उन्होंने भारत के तकनीकी बदलाव, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम पर ज़ोर दिया और साथ ही ग्लोबल बिज़नेस और स्टार्टअप्स को भारत के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया।हाल ही में हुए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का ज़िक्र करते हुए, मोदी ने कहा कि यह समझौता व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा और साथ ही टैलेंट, टेक्नोलॉजी और पर्यटन के आदान-प्रदान के लिए नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर’ भारत और यूरोप के इनोवेशन इकोसिस्टम के बीच संबंधों को मज़बूत करने में मदद कर रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में भारत में टेक्नोलॉजी पर आधारित तेज़ी से बदलाव हुए हैं, जिसमें दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पहचान सिस्टम, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), डिजीलॉकर और PM गतिशक्ति प्लेटफॉर्म जैसी पहल शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि UPIअब यह दुनिया के लगभग आधे रियल-टाइम डिजिटल ट्रांज़ैक्शन का हिस्सा है और फ्रांस में भी इसे स्वीकार किया जा रहा है, जिसमें एफिल टॉवर और पेरिस एयरपोर्ट भी शामिल हैं।जन-सेवाओं के लिए सरकार द्वारा टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर ज़ोर देते हुए, मोदी ने SVAMITVA (स्वामित्व) योजना का ज़िक्र किया। इस योजना के तहत, ड्रोन और जियोस्पेशियल मैपिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके लगभग 200,000 गांवों में 31 मिलियन से ज़्यादा प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संपत्ति सुरक्षित करने और वित्तीय सेवाओं तक पहुँच बेहतर बनाने में मदद कर रही है।प्रधानमंत्री ने ज़मीनी स्तर पर हुए टेक्नोलॉजी इनोवेशन का भी ज़िक्र किया, जिनमें महिला डेयरी किसानों के लिए AI-आधारित सलाह सेवाएँ, खेती में ड्रोन टेक्नोलॉजी और मछुआरों को मछली पकड़ने के लिए अच्छी जगहें खोजने में मदद करने के लिए सैटेलाइट डेटा का इस्तेमाल शामिल है।भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों पर बात करते हुए, मोदी ने चंद्रयान-3 मिशन के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने और हाल ही में भारत के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के क्रिटिकैलिटी (सक्रिय होने) का ज़िक्र किया।
उन्होंने इन दोनों को देश की टेक्नोलॉजी और ऊर्जा क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में अहम पड़ाव बताया।भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि देश में अब 200,000 से ज़्यादा स्टार्टअप हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हेल्थकेयर से लेकर रोबोटिक्स, स्पेस टेक्नोलॉजी, मोबिलिटी और साइबर सिक्योरिटी जैसे कई क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिनिधियों को VivaTech में इंडिया पवेलियन आने और भारतीय उद्यमियों द्वारा विकसित किए जा रहे इनोवेशन को देखने के लिए आमंत्रित किया।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि भारत AI को “सबका साथ, सबका विकास” (ऑल-इनक्लूसिव) के नज़रिए से देखता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि नई टेक्नोलॉजी सभी की पहुँच में होनी चाहिए, इंसानों पर केंद्रित होनी चाहिए और समाज के लिए फायदेमंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि VivaTech 2026 में AI कंट्री पार्टनर के तौर पर भारत की भागीदारी इसी सोच को दिखाती है।
भारत को दुनिया के सबसे बड़े टैलेंट पूल में से एक बताते हुए, प्रधानमंत्री ने रेगुलेटरी सुधारों, ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ (कारोबार में आसानी) के उपायों, 50 बिलियन डॉलर से ज़्यादा के टारगेटेड इंसेंटिव और सस्ते डेटा व कम लागत वाली ग्रीन एनर्जी की उपलब्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्लोबल इनोवेटर्स, निवेशकों और व्यवसायों से भारत के साथ साझेदारी करने का आग्रह किया और कहा कि सहयोग से इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा और समावेशी विकास होगा। https://x.com/narendramodi/status/2067655703330967793/photo/2